सीएम डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग की समीक्षा की
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार तक रोजगार पहुंचाने का लक्ष्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी अंचलों में समान रूप से उद्यमिता का विस्तार किया जाए और प्रत्येक जिले में स्थानीय संसाधनों व दक्षताओं के अनुसार सूक्ष्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। डॉ. यादव गुरुवार को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसाला-आटा चक्की, तेल घानी, कोदो-कुटकी जैसी मिलेट आधारित इकाइयों और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही पारंपरिक उद्योगों जैसे पावरलूम आदि को विशेषज्ञों के सहयोग से आधुनिक स्वरूप दिया जाए। इससे स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिलेगा। डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को "उद्योग और रोजगार वर्ष" के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत हर दो महीने में अलग-अलग अंचलों में ‘उद्योग-रोजगार दिवस’ आयोजित किए जाएंगे, जिससे लोगों को रोजगार योजनाओं और निवेश अवसरों की जानकारी दी जा सके।
एमएसएमई और स्टार्टअप को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 27 जून को एमएसएमई डे के अवसर पर इंदौर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन करेगी। इसी तरह सितंबर में भोपाल में स्टार्टअप पर केंद्रित सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश में स्टार्टअप कल्चर को सशक्त बनाना और नवाचार को बढ़ावा देना है।
महिलाओं के नेतृत्व में 2500 स्टार्टअप सक्रिय
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 17.55 लाख पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से 92 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, 5300 स्टार्टअप में से 2500 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हो रहे हैं। अनुपूरक बजट से प्राप्त 1475 करोड़ रुपए के माध्यम से मार्च 2025 तक के सभी लंबित अनुदानों का निराकरण कर लिया गया है।
ग्वालियर व्यापार मेले में हुआ 3327 करोड़ रुपये का व्यापार
डॉ. यादव ने ग्वालियर व्यापार मेला-2025 की सफलता पर भी प्रसन्नता जताई, जहां 3327 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को अन्य अंचलों में भी लागू किया जाएगा और प्रदेश भर में व्यापार मेलों का आयोजन होगा। साथ ही रतलाम की कृषि उपज मंडी को आधुनिक रूप देकर दूध, फल-सब्जियों की सुरक्षित भंडारण व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सफल उद्यमियों की कहानियों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित होकर स्वरोजगार की ओर अग्रसर हों। साथ ही निवेशकों के लिए राज्य की लैंड बैंक योजना की जानकारी एक मई से वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी, जिसमें 1100 से अधिक प्लॉट आवंटन के लिए खुले होंगे।