शादी का रिसेप्शन...खुशियों की खुमारी...कव्वाली की महफिल में झूमते मेहमान...मंच से पढ़े गए किसी शेर पर उठी वाहवाही पर नोटों की बारिश होने लगी...नोट यहां वहां बिखरे और इन्हीं को रौंदते हुए दूल्हा के अब्बा ने सारी मर्यादाएं तोड़ दी...भारतीय मुद्रा अधिनियम को तार-तार करते इस नजारे के साक्षी नियमों अधिनियमों का गठन करने वाले सांसद भी मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर कुछ लोग पैसा आने पर होने वाली मगरूरियत से जोड़कर लानत भेज रहा है तो किसी ने इस मामले को कानूनी कार्रवाई की तरफ बढ़ा दिया है।
जानकारी के मुताबिक, राजधानी भोपाल में आयोजित एक वलीमा दावत में कव्वाली की महफिल सजाई गई थी। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व महामंत्री एम हसन पप्पू के बेटे आमिर हसन की शादी के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कव्वाली की इस महफिल में भोपाल सांसद आलोक शर्मा भी बतौर मेहमान ए खास मौजूद हैं। मंच पर मौजूद कव्वाल ने जब शेरों की बारिश की तो सामने बैठे श्रोता झूमते दिखाई देने लगे।
खुशियों का इजहार करते हुए बतौर नजराना कव्वाल पार्टी को नकद इनाम दिए जाने लगे। मेहमानों से चली नजराने की इस राशि को सांसद आलोक शर्मा के सिर पर से न्योछावर किया गया और उन्हें वहीं हवा में लहरा दिया गया। जमीन पर यहां वहां बिखरे नोटों को उठाने वाला कोई नहीं था। न ही किसी ने इन्हें हटाकर अलग किया। ऐसे ही हालात में दूल्हे के अब्बा पैरों तले नोटों को रौंदते हुए कव्वाल को नजराना देने के लिए मंच की तरफ बढ़ चले। इस प्रक्रिया के दौरान जमीन पर बड़ी संख्या में पचास पचास रुपये के नोट बिखरे हुए थे।
सोशल मीडिया पर मिली लानत
कव्वाली की इस महफिल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो किसी ने कमेंट किया, "घमंड ताकबबुर अल्लाह को पसंद नहीं है। पैसो का भी अनादर ठीक नहीं है।" तो किसी ने कहा कि "यह ज़हालत और चापलूसी की इंतेहा है!" इधर कुछ सामाजिक संगठनों ने इस प्रक्रिया को भारतीय मुद्रा का अपमान बताते हुए इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। इनका कहना है कि भारतीय मुद्रा को इस तरह नुकसान पहुंचाने वालों को कड़ी सजा दिलाने तक लड़ाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में नोट को पैरों तले रौंदने वाले, इसके प्रत्यक्षदर्शी रहे सभी लोगों को शामिल किया जाएगा।
सात साल की सजा का प्रावधान
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (5) की धारा-22 में कहा गया है कि जो कोई भी किसी मुद्रा नोट या बैंक नोट को नष्ट या विरूपित करता है, उसे सात साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।