मध्य प्रदेश की चंबल नदी में घड़ियालों के लिए रिजर्व क्षेत्र में अवैध रेत खनन हो रहा है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहते हुए आगे लिखा कि यह सब बहुत भयानक एवं शासन के लिए चुनौती है। जो मैंने देखा वह किसी भी शासन के ऐसा होते हुए नहीं हो सकता।
शराब बंदी के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री ने चंबल नदी में अवैध उत्खनन को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमा भारती ने गुरुवार को एक के बाद एक पांच ट्वीट किए। उन्होंने लिखा कि मैं अभी दिल्ली से धौलपुर के एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए मुरैना के ग्राम अजनोद आ रही थी। मैंने चंबल के पुल के दोनों तरफ भारी संख्या में ट्रेक्टर जैसे वाहन देखे। राजस्थान में जैसा युद्ध अभ्यास करते हुए सेनाओं के टैंक चलते हैं ऐसे ही सैकड़ों की संख्या में मैंने पुल के नीचे रेत में वाहन चलते हुए देखे।
भारती ने आगे लिखा कि पता लगा कि यहां खनन हो रहा है। मुझे लगा कि यह वैध होगा, लेकिन पता लगा कि यह तो घड़ियालों के लिए रिजर्व एरिया है और यह पूरा खनन अवैध है। यह सब बहुत भयानक एवं शासन के लिए चुनौती है। जो मैंने देखा है वह किसी भी शासन के होते हुए ऐसा नहीं हो सकता।
पूर्व सीएम ने कहा कि मैं कल ही सुबह मुख्यमंत्री से इस विषय पर बात करूंगी एवं तुरंत रोक लगाने के लिए कहूंगी। क्योंकि ऐसी घटनाओं एवं ऐसे दृश्यों से शासन का अस्तित्व कोई नहीं मानेगा। यह तो निरी अराजकता है। इस पर तुरंत कठोरता से रोक लगानी चाहिए।