राजधानी सहित चार नगर निगमों को 50 करोड़ रुपए से लेकर सौ करोड़ रुपए तक विशेष निधि मिलेगी। इन निकायों ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 15 प्रतिशत अधिक राशि वसूल की है। पंद्रहवें वित्त आयोग ने उन निकायों को विशेष अनुदान के रूप में 50 करोड़ से लेकर सौ करोड़ रुपए तक देने का वादा किया है। यह राशि निकायों के इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी। प्रदेश में नगरीय निकाय बकायादारों से वसूली के लिए विभिन्न प्रयास कर रहे हैं। अब तक 2800 करोड़ रुपए की वसूली हो चुकी है और अगले तीन दिनों में 3300 करोड़ रुपए से अधिक राशि वसूलने का अनुमान है। इस राशि को प्रदेश के 413 निकायों में वितरित किया जाएगा, जिसके चलते इन निकायों ने अवकाश के दिनों और ऑफिस समय के अलावा भी कार्यालय खोले हैं।
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यहां वसूली को लेकर चुनौती
वसूली की गति धीमी होने के कारण जबलपुर, खंडवा, सिंगरौली सहित दस नगर निगमों पर विशेष निधि मिलने का संकट है। इन निकायों में पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा वसूली तो हुई है, लेकिन 15 प्रतिशत की वसूली तक पहुंच पाना मुश्किल लग रहा है। नगर परिषदों में वसूली की गति बहुत धीमी है। यहां पुराने बकायादारों से राशि वसूलना कठिन हो रहा है और जन प्रतिनिधियों का सहयोग भी सीमित है। इसके साथ ही कर्मचारियों की भी कमी है, जिसके चलते नगर परिषदों में जल कर, संपत्तिकर सहित अन्य 60 प्रतिशत तक वसूली नहीं हो पाई है।