भोपाल संभाग की 15 जनपद पंचायतों में सचिवों द्वारा पंचायत कार्यों के लिए आई राशि में अनियमितता के गंभीर मामले सामने आए हैं। स्थानीय निधि संपरीक्षा के दौरान इन पंचायतों में करीब 54 लाख रुपये के गबन का पता चला और इसकी राशि की वसूली बकाया है। इसमें बिना वाउचर के राशि निकालने, फर्जी बिल लगाकर भुगतान दिखाने और कैश बुक में हेरफेर जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। इसको लेकर संभागायुक्त संजीव सिंह ने सभी जनपद पंचायत के सीईओ को 20 नवंबर तक वसूली पूरी करने और कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। पंचायतों में फर्जी बिलों के जरिए राशि निकासी, कम भुगतान दिखाकर अधिक राशि दर्शाने और कैश बुक में गलत एंट्री करने जैसी अनियमितताएं स्थानीय निधि संपरीक्षा में पकड़ में आईं। इन मामलों में सचिवों के खिलाफ गबन की तयशुदा राशि करीब 54 लाख रुपये है, जिसे अब वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल डिवीजन के अंतर्गत आने वाली 15 जनपद पंचायतों में यह राशि बकाया है। भोपाल संभाग आयुक्त ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को 20 नवंबर तक गबन की गई राशि की वसूली करने और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्थानीय निधि संपरीक्षा की ऑडिट रिपोर्ट का निराकरण भी लंबे समय से लंबित है। इस संदर्भ में आयुक्त ने 50% तक लंबित रिपोर्टों का निराकरण करने के लिए भी 20 नवंबर तक की समय सीमा तय की है।
इन पंचायतों में राशि बकाया
भोपाल की जनपद पंचायत फंदा, बैरसिया, सीहोर जिले की जनपद पंचायत सीहोर, राजगढ़ जिले की जनपद पंचायत राजगढ़, जीरापुर, सारंगपुर, खिलचीपुर, नरसिंहगढ़, रायसेन जिले की सांची, बाड़ी, औबेदुल्लागंज, विदिशा जिले की जनपद पंचायत विदिशा, जनपद पंचायत गंबासौदा शमिल है।
20 नवंबर तक का समय दिया
भोपाल डिवीजन स्थानीय निधि संपरीक्षा के संयुक्त संचालक आरके सोनी ने बताया कि संभागायुक्त ने सभी सीईओ को 20 नवंबर तक गबन की राशि की वसूली करने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय निधि संपरीक्षा से जुड़ी शिकायतों और गड़बड़ियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने को कहा है।