नीट यूजी की परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर 13 सवाल पूछे। साथ ही परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराने की मांग की। पूर्व सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरी मांग है कि पूरी परीक्षा को निरस्त करके जल्द परीक्षा का आयोजन किया जाए। उन्होंने दोषियों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नीट यूजी परीक्षा की गड़बड़ी को व्यापमं घोटाले की तरह बताया।
पूर्व सीएम ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब 5 मई 2024 को नीट की परीक्षा का आयोजन हुआ तो 4 मई को ही पटना में इसका पेपर कैसे लीक हो गया? पटना में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी सरकार ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया? क्या कारण था कि परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के लिए तारीख बढ़ाने के बाद फिर 10 अप्रैल को एक दिन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के विंडो को खोला गया? उन्होंने यह भी पूछा कि जून 2024 को जब इस परीक्षा का रिजल्ट आता है तो 67 छात्रों को 720 में से 720 अंक कैसे मिल गए? जबकि 720 अंक पाने वाले छात्र 2020 में दो, 2021 में तीन, 2022 में कोई नहीं और 2023 में सिर्फ दो अभ्यर्थी थे। इस बार 67 छात्रों को पूरे नंबर के मिल गए। इनके किस फॉर्मूले के तहत अंक मिले?
हरियाणा के झज्झर स्थित एक ही परीक्षा केंद्र के 8 छात्रों ने कैसे इस परीक्षा में 720 में से 720 अंक हासिल कर लिए? जबकि इनमें से एक छात्र तो 12वीं की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गया? इस केंद्र के इन सभी टॉपर्स के नाम में सरनेम क्यों नहीं है?