मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री होंगी। केजरीवाल ने आतिशी के नाम का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में आतिशी का दिल्ली का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। आतिशी का मध्यप्रदेश से भी खास कनेक्शन है।
आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लिना अब दिल्ली की मुख्यमंत्री होंगी। आतिशी का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध रहा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से रोड्स स्कॉलरशिप के तहत पढ़ाई करने वाली आतिशी ने मध्यप्रदेश के भोपाल के पास नॉन प्रॉफिट आर्गेनाइजेशन (एनजीओ) के माध्यम से काम किया है। वह जैविक खेती और एजुकेशन को लेकर जुड़ी रही।
जानकारी के अनुसार, साल 2005 में ऑक्सफोर्ड से लौटने के बाद आतिशी और उनके पति प्रवीण ने भोपाल के बैरसिया क्षेत्र में सामाजिक जागरुकता के काम से जुड़े थे। भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार पवन देवलिया ने बताया कि 2009-10 में आतिशी ने एक संस्था से जुड़ कर हर्राखेड़ा गांव में काम किया। देवलिया ने बताया कि जब आतिशी और उनके पति भोपाल में काम कर रहे थे। वह जैविक खेती को लेकर काम कर रहे थे। उनका मकसद स्थानीय समुदाय के साथ काम करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विजय कुमार सिंह और तृप्ता वेही के घर जन्मी आतिशी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नई दिल्ली के स्प्रिंगडेल्स स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने इतिहास की पढ़ाई सेंट स्टीफंस कॉलेज से की। शिक्षा के प्रति अपने समर्पण के चलते, आतिशी शेवनिंग स्कॉलरशिप के तहत मास्टर्स करने के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी गईं और फिर 2005 में रोड्स स्कॉलर के रूप में ऑक्सफोर्ड के मैग्डलेन कॉलेज में शामिल हुईं। बताया जाता है कि उनके नाम के साथ आने वाला मार्लेना शब्द मार्क्स और लेनिन से लिया गया गया।
हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार बनाए जाने के समय उन्होंने अपना नाम बदलकर सिर्फ "आतिशी" कर लिया। इस बदलाव के पीछे की वजह विपक्ष द्वारा उन्हें ईसाई साबित करने की कोशिश बताई जाती है। आतिशी का सियासी सफर आम आदमी पार्टी के साथ 2013 से शुरू हुआ, जब उन्होंने पार्टी के घोषणा पत्र मसौदा समिति का नेतृत्व किया। 2020 में कालकाजी से विधायक चुनी गईं। आतिशी पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की सदस्य और दिल्ली सरकार की मंत्री भी हैं। शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, वित्त आदि विभाग का प्रभार है।