दिग्विजय सिंह पर 7 साल पुराने बयान पर अपराधिक केस दर्ज
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सात साल पुराने बयान पर भोपाल कोर्ट ने मानहानी का मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस किया था। सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए विधान महेश्वरी ने धारा 500 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है। इस मामले में कोर्ट ने 11 जनवरी को दिग्विजय सिंह को कोर्ट में तलब किया है।
बता दें कि वीडी शर्मा ने अपने मानहानि मामले में कोर्ट को बताया कि दिग्विजय सिंह ने 4 जुलाई 2014 को इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के सामने उनके विरुद्ध आरोप लगाते हुए कहा था कि वीडी शर्मा एबीवीपी के महामंत्री रहे हैं, उनके द्वारा आरएसएस और व्यापमं के बीच में बिचौलिए का काम किया गया है। जिसका प्रकाशन समाचार पत्रों में हुआ था। जिसको आमजन द्वारा पढ़ा गया एवं आम जनता के बीच में उनकी उक्त आरोपों के कारण छवि धूमिल हुई थी। जिससे व्यथित होकर उन्होंने कोर्ट के सामने मानहानि का मुकदमा दायर कर साक्ष्य प्रस्तुत किए।
मामले में कोर्ट ने सोमवार को यह पाया कि दिग्विजय सिंह ने प्रथमदृष्टया धारा 500 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया है। अत: न्यायालय द्वारा दिग्विजय सिंह के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर समन जारी करने के लिए निर्देशित किया है। जिसके अनुसरण में दिग्विजय सिंह को कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत प्राप्त करना होगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी 2023 को तय की है।