भारत निर्वाचन आयोग ने देश में चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और मतदाता अनुकूल बनाने के उद्देश्य से तीन नई पहलें शुरू की हैं। भारत निर्वाचन आयोग की ये तीनों पहलें न केवल मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में मदद करेंगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए चुनाव प्रक्रिया को अधिक सहज, भरोसेमंद और भागीदारीपूर्ण भी बनाएंगी।निर्वाचक नामावलियों को अद्यतन और सटीक बनाए रखने के लिए आयोग अब भारत के महापंजीयक से मृत्यु पंजीकरण का डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त करेगा। यह प्रक्रिया निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 9 और जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की संशोधित धारा 3(5)(ख) के तहत होगी। इससे निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को पंजीकृत मौतों की जानकारी समय पर प्राप्त होगी और बीएलओ बिना औपचारिक फॉर्म 7 के अनुरोध की प्रतीक्षा किए फील्ड विजिट कर सत्यापन कर सकेंगे।
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बीएलओ को मिलेगा मानक फोटो पहचान-पत्र
मतदाता सूची के सत्यापन व अद्यतन कार्य के दौरान नागरिकों की सहूलियत और पारदर्शिता के लिए आयोग ने सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मानक फोटो पहचान-पत्र जारी करने का निर्णय लिया है। यह कदम लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13ख(2) के अंतर्गत उठाया गया है ताकि घर-घर जाकर काम करने वाले बीएलओ को मतदाता पहचान सकें और उन पर भरोसा कर सकें।
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मतदाता सूचना पर्ची होगी अधिक उपयोगी
आयोग ने मतदाता सूचना पर्ची (वीआईएस) को और अधिक मतदाता-अनुकूल बनाने के लिए उसके स्वरूप में बदलाव का निर्णय लिया है। अब मतदाता की क्रम संख्या और भाग संख्या को अधिक स्पष्टता के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही फॉन्ट का आकार भी बढ़ाया जाएगा, जिससे मतदाता अपने मतदान केंद्र की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें और मतदान अधिकारियों के लिए नाम खोजना सरल हो जाए।