फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: भोपाल एम्स में तीन साल की बच्ची की जटिल सर्जरी, डॉक्टरों ने परजीवी जुड़वा हिस्से को निकाला

Tue, 08 Apr 2025 09:41 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल स्थित एम्स में तीन वर्षीय बच्ची की एक जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिसमें डॉक्टरों ने बच्ची की खोपड़ी और गर्दन से जुड़ी एक परजीवी जुड़वा को हटा दिया।
विज्ञापन
एम्स में सर्जरी से पहले और सर्जरी के बाद बच्ची - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भोपाल स्थित एम्स में तीन वर्षीय बच्ची की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। सर्जरी में डॉक्टरों ने बच्ची की खोपड़ी और गर्दन से चिपके एक परजीवी जुड़वा (Parasitic Twin) को हटा दिया। अशोकनगर की रहने वाली बच्ची के गर्दन के पिछले हिस्से में जन्म से एक मांसल उभार था। इसके बाद बच्ची को इलाज के लिए हाल ही में एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- MP News: सीएम बोले- भावी पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए सहकारिता की गतिविधियां संचालित की जाएं

एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में बच्ची का इलाज शुरू किया गया और उसकी सर्जरी का प्लान किया गया। जांच में यह पाया गया कि बच्ची की खोपड़ी और रीढ़ की हड्डी से जुड़ा हुआ एक अधूरा शरीर, जिसमें पैर और श्रोणि हड्डियां शामिल थीं, ब्रेन स्टेम से सटा हुआ था। सर्जरी की जटिलता को देखते हुए न्यूरो सर्जरी, रेडियोलॉजी, बाल शल्य चिकित्सा और प्लॉस्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की एक बैठक हुई, जिसके बाद इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- MP News: पीएम मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले के आनंदपुर धाम आएंगे, 13 और 17 को अमित शाह भोपाल और नीमच आएंगे

परजीवी जुड़वां एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें एक भ्रूण पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता और दूसरे भ्रूण से जुड़कर उस पर निर्भर हो जाता है। इस मामले में बच्ची के सिर और रीढ़ से जुड़ा एक अधूरा शरीर ब्रेन स्टेम के पास था। सर्जरी का नेतृत्व डॉ. सुमित राज ने किया, जिसमें डॉ. जितेंद्र शाक्य और डॉ. अभिषेक ने सहायक भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. सुनैना और डॉ. रिया ने किया, और डॉ. रुचि ने इंट्रा-ऑप न्यूरो मॉनिटरिंग की, जिससे सर्जरी के दौरान तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें