मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झारखंड के महगामा एवं पोरेयाहत विधानसभा में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अंग्रेजों के सामने चट्टान की तरह लड़ने वाले भगवान बिरसा मुंडा की धरती से झारखंड की जनता की आवाज आ रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज से मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में जो समय के साथ नहीं चलते हैं, वे मिट जाते हैं। झारखंड की लड़ाई 1937 से शुरू हुई, लेकिन बीच में कई लोगों का मन झारखंड के विकास के लिए नहीं था, उनका मन सिर्फ लूट-खसोट के लिए था। ऐसे लोग लंबे समय तक कांग्रेस के भीतर और कांग्रेस के साथ में रहे। लगातार झूठ बोलकर कहते थे कि झारखंड राज्य बिहार से अलग हो ही नहीं सकता। यहां के बेईमान नेता चोर, डाकू, लूटेरे रोटी की जगह पर नोट खाते हैं। मंत्री, पीए और नौकरों के घर से 350 करोड़ रुपये निकलना आश्चर्य की बात है। यह चुनाव सभी बेईमानों से निपटने का चुनाव है। झारखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के चिकित्सक, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस की प्रतिभाओं को आगे आने का मौका नहीं मिलता है, क्योंकि यहां बेईमानों ने कब्जा करके रखा है। विपक्षी नेताओं के लिए परिवार प्रथम और भाजपा के लिए देश प्रथम है। कांग्रेस के शासनकाल में एक हजार मनरेगा घोटाला, 600 करोड़ जमीन घोटाला, एक हजार करोड़ खनिज घोटाला, शराब घोटाला, सेना की जमीन का घोटाला, नौकरियों में घोटाले हुए हैं। ऐसे घोटालेबाजों को घर बैठाना है और संकल्प लेना है कि झारखंड में कमल खिलेगा और यह प्रदेश देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा।
लैंड जिहाद, लव जिहाद करने वालों के हर पाप का हिसाब होगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के लोग भगवान श्री राम अयोध्या में विराजमान न हो पाएं, इसके लिए हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए। प्रधानमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम भगवान का मंदिर बनवाया। आज भगवान मुस्कुरा रहे हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के माध्यम से संस्कारों की त्रिवेणी बही है। संस्कारों के माध्यम से ही दुनिया में पहचान बनी है। यहां पर आदिवासी बहनों को बहला फुसलाकर धर्मांतरण कराकर उनकी जमीनों पर कब्जा किया जाता है। यह लैंड जिहाद और लव जिहाद फैलाते हैं। उनके किए गए हर पाप का हिसाब होगा। भारतीय जनता पार्टी ही बांग्लादेशी घुसपैठियों से आपकी बहन, बेटी, घर और जमीन की सुरक्षा करने में सक्षम है।