मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शनिवार को चीते पहुंचने वाले हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कूनो पार्क पहुंचेंगे. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थानांतरण के दौरान मौजूद रहेंगे और पीएम स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को भी संबोधित करेंगे।
वहीं सीएम शिवराज ने कहा, भारत में 70 साल बाद चीते आ रहे हैं। 17 सितंबर को नामीबिया से आठ चीते भारत लाए जा रहे हैं। नामीबिया से ये चीते स्पेशल चार्टर फ्लाइट से ग्वालियर लाए जाएंगे।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने 20 साल पहले कुनो को तैयार किया था कि यहां वन्य जीवन पनपेगा। इसके लिए कई गांव भी हटाए थे, ताकि वो सुरक्षित अभ्यारण्य बने। अब वो सपना पूरा होने जा रहा है और चीते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, यह असाधारण है क्योंकि हमारे देश में साल 1952 के आसपास चीते का अस्तित्व समाप्त हो गया था। अब दूसरे महाद्वीप से चीते लाकर यहां उन्हें पुनर्स्थापित कर रहे हैं। हम कोशिश करेंगे की स्वाभाविक रूप से चीते का परिवार बढ़ता रहे। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
सीएम ने कहा, चीते अभी पहुंचे नहीं हैं। लेकिन जमीन की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। होटल, रिसॉर्ट और गाडियां लगेंगी, छोटे-मोटे काम धंधे चालू होंगे। उस इलाके की तस्वीर ही बदल जायेगी। यह सच में बहुत ही अद्भुत घटना है। मैं मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों का स्वागत करता हूं।
पर्यटकों की बढ़ जाएगी संख्या
भारतीय वन्यजीव संस्थान, राजस्थान के रणथंभौर से माधव राष्ट्रीय उद्यान तक वन्यजीवों की आवाजाही के लिए जल्द ही एक गलियारा भी बनाया जाएगा। कुनो पार्क के अधिकारियों का कहना है कि चीतों के आने से कुनो में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी। इसके साथ ही तीनों अभ्यारण्यों को मिलाकर टूरिस्ट सर्किट बनने से स्थानीय लोगों को होटल, ट्रेवल्स, टूरिस्ट गाइड के साथ रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान 748.7618 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। कुनो नदी, जो पार्क के केंद्र से होकर गुजरती है, घड़ियालों के लिए संरक्षित है। कूनो नदी में दिसंबर 2020 में घड़ियाल के 50 बच्चों को छोड़ा गया था जो अब धीरे-धीरे बड़े हो रहे हैं। कुनो आने वाले पर्यटक अब चीतों के साथ-साथ घड़ियाल भी देख सकेंगे।