मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि कट्टरता का पाठ पढ़ाने वाले संस्थानों और अवैध मदरसों का रिव्यू किया जाएगा। कट्टरता और अतिवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर नजर रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भ्रामक खबरें, संवेदनहीन, कट्टरवाद बढ़ाने वाले कमेंट लिखने वालों की पहचान करें और उन पर आवश्यक कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अच्छा काम कर रहे पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को बधाई दी। साथ ही कट्टरता का पाठ पढ़ाने वाले अवैध मदरसों और संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस ने पिछले दिनों अच्छी कार्रवाई की है। उन्होंने बालाघाट में नक्सलवादियों से निपटने में अच्छा काम हुआ। बुरहानपुर के नेपानगर में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस का काम सराहनीय था। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इस तरह की समस्याओं को मूल से खत्म करना होगा। पिछले दिनों पुलिस की मुस्तैदी की वजह से त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हुए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई शराब नीति के तहत अहाते बंद हो गए हैं। अब असामाजिक तत्व सार्वजनिक जगह पर शराब न पिएं, इस पर नजर रखने को कहा। उन्होंने साइबर अपराध पर निरंतर कार्रवाई करने और इसके लिए तकनीक के इस्तेमाल की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा नियम में पुलिस के पक्ष को अच्छे से देख लें और रिव्यू करें।
वीडी शर्मा बोले- अवैध मदरसों पर बुलडोजर चलेंगे
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अवैध मदरसों के रिव्यू के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मदरसे नहीं, हर किसी का रिव्यू होना चाहिए। हुआ भी है। मदरसों का क्यों नहीं होना चाहिए? छात्रावासों का भी रिव्यू करते रहते हैं। सरकार ने एक अच्छा निर्णय लिया है। मदरसों के अंदर क्या हो रहा है, पढ़ाई के नाम पर तालीम दी जा रही है। ऐसे में जरूरत है कि हर जगह की समीक्षा की जाए। अवैध मदरसों पर बुलडोजर चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा जरूर होना चाहिए।
कांग्रेस का आरोप- 15 साल में मदरसा बोर्ड को अपंग कर दिया
मुख्यमंत्री के अवैध मदरसों पर दिए बयान को लेकर कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अब्बास हफीज ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब 20 साल सत्ता में रहने के बाद स्वास्थ, शिक्षा, रोज़गार, महगाई जैसे मुद्दों पर सरकार फेल हो जाएं तो चुनाव जीतने के लिए हिंदू-मुस्लिम के सिवा कोई फॉर्मूला नहीं रह जाता है। मध्य प्रदेश मरदसा बोर्ड को पिछले 15 साल में अपंग करने वाले मुख्यमंत्री आज मदरसे की बात कर रहें हैं। आज प्रदेश में मदरसा बोर्ड पूरी तरह बंद पड़ा है। महीनों तक कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिलती। शिक्षा नहीं हैं। छात्र लगातार कम हो रहे हैं। फंड नहीं दिया जाता लेकिन आज इन्हें मदरसे की याद आई क्योंकि चुनाव जीतना है।