मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में छत्रप्रति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीसीसी चीफ कमलनाथ पर निशाना साधा। सीएम ने कमलनाथ का नाम लेकर कहा कि आपने सौंसर में शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने नहीं दी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कमलनाथ जी से सवाल यही है, जब वह मुख्यमंत्री थे तब छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा सौंसर में लगाए जाने का फैसला हुआ था। प्रतिमा लगाई जा रही थी। उस समय आप की सरकार थी। आपको छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने में सरकार को सहयोग करना था लेकिन आपने प्रतिमा लगाने नहीं दी। हमने अपने राज्य में गुंडों पर बुलडोजर चलाएं, लेकिन वहां तो प्रतिमा न लग पायें इसलिए बुलडोजर चल रहे थे। शिवराज ने कहा कि उस समय मैं मुख्यमंत्री नहीं था। मैं सौंसर गया था। तब हमने संकल्प लिया था छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा यहां स्थापित की जाएगी। आज मुझे कहते हुए आनंद, प्रसन्नता और गर्व है कि उन्होंने लगाने नहीं दी, आज हम उसी स्थान पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं।
वहीं, इस मामले में कांग्रेस मीडिया विभाग की तरफ से एक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया कि भाजपा नेता और उनके चमचों की इतनी विध्वंसक मानसिकता हो गई है कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर भी विवाद पैदा करने के अलावा कुछ नहीं सोच सकते। आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर मध्य प्रदेश भाजपा एक झूठा विवाद खड़ा कर रही है।
उनके लोग इस तरह के मैसेज जारी कर रहे हैं कि कमलनाथ जी की सरकार में सौसर में शिवाजी की मूर्ति हटा दी गई थी। जबकि सच्चाई है कि सौसर में एक कमेटी ने बिना अनुमति के तिराहे पर शिवाजी महाराज की मूर्ति स्थापित की थी जिसे अगले दिन प्रशासन ने हटाया था। जैसे ही मामला सरकार के संज्ञान में आया कांग्रेस के विधायक विजय चौरे ने विधिवत अनुमति लेकर पुनः मूर्ति स्थापित कराई और मूर्ति के सौंदर्यीकरण के लिए पांच लाख स्वीकृत कराएं। कमलनाथ जी ने बड़ी मूर्ति स्थापित करने के लिए 35 लाख रुपए देने की पहल की लेकिन कमेटी ने कहा कि वह पुरानी मूर्ति ही चाहते हैं। भाजपा के दुष्प्रचार से यह सत्य झुठलाया नहीं जा सकता।