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MP News: CM बोले-किसानों को दलहल और तिलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करें,उद्यानिकी फसलों का उत्पादन भी बढ़ाएं

Fri, 27 Dec 2024 10:35 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार सोयाबीन का उपार्जन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सोयाबीन के अलावा किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
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सीएम डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में सोयाबीन उपार्जन की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार सोयाबीन का उपार्जन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सोयाबीन के अलावा किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए किसानों के साथ चर्चा कर योजना बनाई जाएगी। उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में अधिक लाभ है, इसलिए किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रवृत्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से उपार्जन कर उन्हें जल्द से जल्द भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई या बारदाने की समस्या न आने पाए। उपार्जित सोयाबीन का उठाव और भंडारण विधिवत तरीके से हो और उपज को ओला-पाला एवं बारिश से बचाया जाए।
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31 दिसंबर तक होगा सोयाबीन उपार्जन
बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी दी कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से किया जा रहा है, जो 31 दिसंबर तक चलेगा। गत 26 दिसंबर तक 2 लाख 4 हजार किसान अपना सोयाबीन बेच चुके हैं। इन किसानों से 5 लाख 89 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। आगामी 31 दिसंबर तक करीब साढ़े 6 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन का अनुमान है। प्रदेश में भोपाल संभाग में सर्वाधिक 180198.04 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। उज्जैन संभाग में 149974.54 लाख मीट्रिक टन, सागर संभाग में 93495.33 लाख मीट्रिक टन एवं नर्मदापुरम संभाग में 93287.44 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4 हजार 892 रुपए प्रति क्विंटल है। किसानों को 1957.1 करोड़ रुपये उपार्जन राशि का भुगतान अब तक किया जा चुका है।

धान मिलिंग के लिए अपग्रेडेशन राशि स्वीकृत
प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के दौरान किसानों से खरीदी गई धान की मिलिंग के लिए अपग्रेडेशन राशि मंजूर की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि यह राशि मिलने से धान की मिलिंग तेजी से होगी, ताकि चावल की आपूर्ति सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य योजनाओं के लिए समय पर की जा सके। इसके साथ ही, प्रदेश में अतिरिक्त चावल को केंद्रीय पूल में भी भेजा जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि इस वर्ष धान की मिलिंग के लिए 50 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि तय की गई है। इसके अलावा, मिलिंग की स्थिति के हिसाब से अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। अगर मिलिंग का अनुपात 40% से अधिक और 80% तक मध्य प्रदेश राज्य सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के पास जाता है, तो 50 रुपये के अलावा 40 रुपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि मिलेगी। यदि मिलिंग का अनुपात 40% से कम और 60% से ज्यादा भारतीय खाद्य निगम के पास जाता है, तो 50 रुपये के अतिरिक्त 120 रुपये प्रति क्विंटल अपग्रेडेशन राशि दी जाएगी।
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इसके साथ ही, मिलर को मिल की न्यूनतम 30% क्षमता के अनुसार या जिले में उपलब्ध धान के हिसाब से मिलिंग करनी होगी। यदि मिलर ने कम मिलिंग की, तो उसे प्रोत्साहन राशि और अपग्रेडेशन राशि में कटौती की जाएगी। 15% से कम मिलिंग करने पर 50% और 15% से ज्यादा लेकिन 30% से कम मिलिंग करने पर 25% कटौती होगी। इस कदम से धान की मिलिंग का काम जल्दी होगा और किसानों से खरीदी गई धान को सही समय पर उपयोग में लाया जा सकेगा।
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