स्पेन-दुबई की यात्रा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को लौट आए। अब उनके विदेश के दौरे से लौटते ही प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। मंत्रालय से लेकर फील्ड तक नॉन परफार्मर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रालय से लेकर जिलों तक प्रशासनिक सर्जरी की जाना है। इसमें कलेक्टर, एसपी, संभागायुक्त से लेकर मंत्रालय में सचिव और प्रमुख सचिव के नाम शामिल हो सकते हैं। मंत्रालय में कई अधिकारियों की जिम्मेदारी बदल जा सकती है। कुछ अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों के काम की जिम्मेदारी है। इसको कम किया जा सकता है।
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कई जिलों के कलेक्टर बदले जाएंगे
प्रदेश के एक दर्जन जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। इसमें अलीराजपुर, भिंड, धार, रतलाम, शिवपुरी, गुना, रीवा, जबलपुर के कलेक्टर को बदला जा सकता है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना को राज्य स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी प्रकार कुछ जिलों के कलेक्टर को भी बदला जा सकता है। वहीं लगभग 100 डिप्टी कलेक्टरों, जॉइंट कलेक्टरों और एडिशनल कलेक्टरों को भी नई पोस्टिंग मिल सकती है।
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प्रत्येक जिले को मिलेंगे एडीएम और जॉइंट कलेक्टर
राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टरों में से 30 से ज्यादा को जॉइंट या एडिशनल कलेक्टर पद पर प्रमोट किया जा चुका है। इन अधिकारियों को अब उन जिलों में पदस्थ किया जाएगा, जहां अपर कलेक्टर नहीं हैं। ऐसे करीब 8-9 जिले चिन्हित किए गए हैं। जॉइंट कलेक्टरों की खाली जगहों को भी भरा जाएगा। प्रशासन ने इस बार यह भी ध्यान में रखा है कि पति-पत्नी दोनों यदि अधिकारी हैं तो उन्हें एक ही जिले में पोस्टिंग न दी जाए।