मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को जनविश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ में नागरिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की जानकारी ली और अधिकारियों को मौके पर ही इनके निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान दयाराम लोधी ने अपनी मां रानीबाई की मृत्यु के बाद सहकारी बैंक की मवई शाखा द्वारा नॉमिनी के खाते में राशि ट्रांसफर नहीं किए जाने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी में लापरवाही पाए जाने पर जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने महेश प्रसाद लोधी, कमलेश नामूलिया, दयाराम लोधी, कालीचरण सिंह राजपूत और हरिराम विश्वकर्मा से भी सीधे बात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का समय सीमा में समाधान करने के निर्देश दिए।
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फील्ड में जाकर योजनाओं की निगरानी करें अधिकारी
डॉ. यादव ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाएं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति देखें। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर ही प्रभावी समाधान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी, जबकि बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
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सीएम मोहन बोले- उद्योगों को मिलेंगी सभी सुविधाएं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ में उद्यमियों से संवाद में कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार उद्योगों के लिए मूलभूत सुविधाएं, निर्बाध बिजली, बेहतर अधोसंरचना और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ में उपलब्ध संसाधनों को अवसरों में बदलकर जिले में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि झांसी, जतारा और टीकमगढ़ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से जिले को दूसरे प्रदेशों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
होटल और होम स्टे बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से कहा कि जिले में होटल, होम स्टे और इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में आगे आएं। सरकार की ओर से इसके लिए सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ में धार्मिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। महाकाल लोक की तर्ज पर कुंडेश्वर धाम का विकास किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग की टीम जल्द यहां भेजी जाएगी। उन्होंने कुंडेश्वर के आसपास होम स्टे विकसित करने पर भी जोर दिया। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए आय का नया जरिया तैयार होगा।
पीतल शिल्प को मिलेगा नया बाजार
मुख्यमंत्री को बताया गया कि टीकमगढ़ के धरमपुर की पारंपरिक बेल मेटल यानी पीतल शिल्प कला के विकास के लिए 1.99 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित है। करीब 6.99 हेक्टेयर जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पारंपरिक कला को केवल विरासत तक सीमित न रखा जाए। इसे आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाओं, कारीगरों के प्रशिक्षण, रोजगार और बड़े बाजार से जोड़ा जाए, ताकि कारीगरों की आय बढ़ सके।