मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित राज्य संग्रहालय में इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर का लोकार्पण करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जनसामान्य विशेषकर युवाओं तक पहुंचाने के लिए तकनीकी उन्नयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय केवल इतिहासकारों और शोधार्थियों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अब ये आमजन के लिए भी आकर्षण और ज्ञान का केंद्र बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल की यात्रा अब राज्य संग्रहालय आए बिना अधूरी मानी जाएगी। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि वे विद्यार्थियों के लिए संभागवार संग्रहालय भ्रमण की योजना तैयार करें, जिससे युवा पीढ़ी प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ सके।
'आंखों देखा' का भी लोकार्पण
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने “आंखों देखा” नामक प्रदेश के पहले वर्चुअल म्यूजियम सेंटर का भी शुभारंभ किया। यह इमर्सिव और इंटरैक्टिव तकनीक के माध्यम से आगंतुकों को बिना किसी गाइड के संग्रहालय की गहन और रोमांचक यात्रा का अनुभव कराएगा। साथ ही, स्टीरियोस्कोपिक 3डी में ऐतिहासिक महलों और धरोहरों को देखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान संग्रहालय परिसर में आयोजित ‘संग्रहालय मेला’ का अवलोकन किया और उत्खनन उपकरणों, ऐतिहासिक इमारतों की 3डी प्रिंटिंग तथा पीओपी मूर्तियों को सराहा। उन्होंने प्रसिध्द पुरातत्वविद पद्मश्री विष्णु श्रीधर वाकणकर को समर्पित “वाकणकर दादा” मैस्कॉट का भी लोकार्पण किया।
11 पुस्तकों का विमोचन किया
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संचालनालय पुरातत्व द्वारा प्रकाशित 11 पुस्तकों का विमोचन किया, जिनमें भिंड, रतलाम, बैतूल, बड़वानी और कटनी जिलों का पुरातत्व दस्तावेजीकरण शामिल है। साथ ही भोपाल और रायसेन के चित्रित शैलाश्रयों पर केंद्रित ग्रंथ और कंजर्वेशन मैनुअल तथा नियम पुस्तिका भी जारी की गई। प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि देश की 62 यूनेस्को धरोहरों में से 18 मध्यप्रदेश में हैं, जिनमें 3 स्थाई सूची में और 15 अस्थाई सूची में हैं। प्रदेश नेतृत्व इन धरोहरों को स्थाई सूची में शामिल कराने हेतु सक्रिय प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'ऑफबीट मध्य प्रदेश' न्यूज लैटर के द्वितीय संस्करण का विमोचन करते हुए प्रदेश की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।