मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष भर राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस कड़ी में 20 मई को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा में पहली बार प्रदेश की कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। यह वही राजवाड़ा है जिसका निर्माण कार्य श्रीमंत मल्हार राव जी होलकर महाराज द्वारा प्रारंभ किया गया था, जिसे लोकमाता अहिल्या बाई माता ने पूर्ण कराया था सीएम ने कहा कि कैबिनेट में राज्य के हितैषी निर्णय तो लिए ही जाएंग। साथ ही यह कैबिनेट सच्चे अर्थों में अहिल्या महारानी की स्मृति दिवस रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 20 मई का दिन ऐतिहासिक रूप से कई कारणों से विशेष है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिथि अनुसार लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जयंती वर्ष, विवाह वर्षगांठ (20 मई) और महाराजा श्रीमंत मल्हार राव जी होल्कर की पुण्य-तिथि, ये तीनों सुयोग एक ही समय पर आ रहे हैं, जो इस आयोजन को और भी अधिक विशेष बनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 मई से 31 मई तक पूरे राज्य में अलग-अलग सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 मई को इंदौर में एक मंचीय कार्यक्रम होगा, जिसमें लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के जीवन के विविध पहलुओं को एक लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह अद्भुत प्रस्तुति नागपुर, महाराष्ट्र से आये सुघड़ कलाकारों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जन्म जयंती को और अधिक स्मरणीय बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 मई को भोपाल में भी एक बड़ा आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर, न केवल सुशासन, स्वावलम्बन और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक थीं, बल्कि उन्होंने विधवा पुनर्विवाह और कई जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से तत्कालीन समाज को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जयंती वर्ष पर हमें चाहिए कि हम सब उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और अपने महापुरुषों का स्मरण करते हुए समाज को एक नई प्रेरणा दें और अपने देश व प्रदेश के विकास के लिए सक्रिय होकर सहभागी बनें।