मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पौधरोपण का सामान्य अभियान नहीं है। इसे कर्मकांड न समझा जाए बल्कि आमजन का अभियान बनाने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री को सिंगरौली, छतरपुर, झाबुआ, दमोह, रायसेन, दतिया, खंडवा, जबलपुर, अशोक नगर और इंदौर कलेक्टरों ने जल-गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, कमिश्नर्स और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से रविवार को वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर प्रारंभ अभियान "एक पेड़ मां के नाम" को सफल बनाने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पौधरोपण का सामान्य अभियान नहीं है। इसे कर्मकांड न समझा जाए बल्कि आमजन का अभियान बनाने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री को सिंगरौली, छतरपुर, झाबुआ, दमोह, रायसेन, दतिया, खंडवा, जबलपुर, अशोक नगर और इंदौर कलेक्टरों ने जल-गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पांच जून से लेकर 30 जून तक "जल गंगा संवर्धन अभियान" उत्सव के रूप में चला। कई जिलों में अच्छे कार्य हुए हैं। कई पुरानी बावड़ियों को पुनर्जीवन मिल गया। जल स्रोतों की सफाई भी की गई। अनेक स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण कार्य हुए हैं। इन कार्यों की उपयोगिता को देखते हुए भविष्य की दृष्टि से 30 जून के बाद भी कार्यों को जारी रखा जाए। यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों को सहेजने, उनकी स्वच्छता और जल स्रोतों की उपयोगिता एवं क्षमता बढ़ाने के कार्य निरंतर किए जाएं।