मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रवींद्र भवन में आयोजित सम्मान समारोह में छात्राओं से संवाद किया और समग्र शिक्षा अंतर्गत सैनिटेशन अभियान में बालिकाओं को सैनिटरी पैड के लिए 57 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के जरिए खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री ने समग्र शिक्षा अंतर्गत सैनिटेशन योजना के तहत 19 लाख 6 हजार 137 छात्राओं के खाते में 300-300 रुपए राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी किए। इस तरह देश में पहला राज्य बन गया है। इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभाशाली छात्राओं का सम्मान किया और छात्राओं ने सीएम को राखी भी बांधी। मुख्यमंत्री से मिलकर और उनसे संवाद करके छात्राएं काफी खुश नजर आईं। यह समारोह स्वाधीनता दिवस और रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित किया गया था। वहीं, कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह नहीं आए। इसको लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ तो गड़बड़ हैं।
सीएम को छात्राओं ने बांधी राखी
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की वीरांगनाएं रानी दुर्गावती और अहिल्या बाई की गाथा सुनाई। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर बेटियों को सम्मानित किया और रानी दुर्गावती को पाठ्यक्रम में शामिल करने का एलान किया। सीएम ने कहा कि रानी दुर्गावती ने 51 लड़ाई लड़ी और जीती। उन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय दिया था। उन्होंने अकबर की सेना को तीन बार धूल चटाई थी। उनकी वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अहिल्या बाई की वीरता और सामाजिक कार्यों की गाथाएं भी प्रसिद्ध हैं। उन्होंने समाज के लिए बहुत कुछ किया था। आज भी बनारस में गंगा जी के सामने विश्वनाथ मंदिर में रामेश्वरम से समुद्र जल चढ़वाने की व्यवस्था अहिल्याबाई के शासन में होती थी।
स्कूल-कॉलेज की छात्राओं के सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के पीएस सुखवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री व्यवहारिक व्यक्ति हैं और उनकी हमेशा यह सोच रहती है कि बच्चों का शिक्षा के साथ कौशल विकास हो। उन्होंने कहा कि छात्राओं में उड़ान भरने की शक्ति होती है और सरकार इसे पहचानती है। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा में सीएम राइज स्कूल खुल रहे हैं और हर जिले में पीएम कॉलेंजे ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी की जा रही है। यह उच्च शिक्षा के गुणवत्ता का केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है और ग्रॉस एनरोलमेंट रेट से हम 50 पॉइंट आगे हैं।