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MP News: एमपी से चीन तक फैला बाघ की हड्डियों का काला कारोबार, लामा के खिलाफ इंटरपोल फ्रांस का रेड कॉर्नर नोटिस

Wed, 01 Oct 2025 07:48 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश से जुड़े बाघ तस्करी के बड़े मामले में इंटरपोल (फ्रांस) ने नेपाल के तस्कर टरके लामा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। उस पर बाघ की हड्डियों को चीन तक तस्करी करने का आरोप है और वह पिछले 10 साल से फरार है।
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फाइल फोटो - फोटो : ANI
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विस्तार
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मध्य प्रदेश से जुड़े बड़े वन्यजीव अपराध मामले में अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर ढरके लामा उर्फ टरके लामा पर शिकंजा कस गया है। इंटरपोल मुख्यालय (फ्रांस) की सिफारिश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है। नेपाल मूल का यह तस्कर बीते 10 वर्षों से फरार है और उस पर बाघ की हड्डियों को चीन तक पहुंचाने का आरोप है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने बताया कि आरोपी ढरके लामा उर्फ टरके लामा विगत 10 वर्षों से फरार है। उसके विरुद्ध सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों की चीन में अवैध तस्करी संबंधी प्रकरण 13 जुलाई 2015 दर्ज किया गया था। 
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अब तक गिरोह के 30 आरोपी गिरफ्तार
प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को विवेचना के लिए हस्तांतरित किया गया था। एसटीएसएफ ने उक्त प्रकरण में कार्यवाही करते हुए संगठित गिरोह के कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर-2022 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम (होशंगाबाद) ने 29 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें 5-5 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 7.10 लाख अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुनाई गई।
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ताशी शेरपा को 2024 में पकड़ा था
प्रकरण में अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा को नौ वर्ष बाद 24 जनवरी 2024 को भारत एवं नेपाल की सीमा के पास, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण की सटीक विवेचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 9 मई 2025 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम ने ताशी शेरपा को 5 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया। यह मामला मील का पत्थर है, क्योंकि यह देश का पहला मामला है, जिसमें शिकारियों, कूरियर, बिचौलिये और तस्करों सहित 28 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया और दोषी ठहराया गया।  

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इटरपोल कर चुकी चार बार एसटीएसएफ की सराहना 
एसटीएसएफ ने प्रकरण में वैज्ञानिक विवेचना करते हुए आरोपियों के ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस परीक्षण करवाए, जिससे उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत मिले। इसके अतिरिक्त, सायबर डेटा भी एकत्र कर न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पेश किया। जांच के दौरान, एसटीएसएफ ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सहायता भी प्राप्त की। इंटरपोल, जिसे आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (ICPO-Interpol) कहा जाता है, एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो 195 से अधिक देशों ने मिलकर बनाया है। यह दुनिया भर में पुलिस एवं अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सहयोग और अपराध नियंत्रण की सुविधा प्रदान करता है। इंटरपोल द्वारा 4 बार एसटीएसएफ के कार्यों की सराहना की जा चुकी है।
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