मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तीन महीने पहले भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। आम तौर पर चुनाव की तारीखें घोषित होने पर ही पार्टी अपने पत्ते खोलती हैं। इस बार भाजपा ने तमाम अटकलों को विराम देते हुए तीन महीने पहले ही 39 नाम घोषित कर दिए हैं।
गुरुवार को पार्टी ने 29 जिलों की 39 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए। सबसे ज्यादा नाम महाकौशल और मालवा-निमाड़ क्षेत्र से है। सबसे कम उम्मीदवार विंध्य इलाके से हैं। 39 में से चार टिकट महिलाओं को दिए गए हैं। पहली सूची में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित 13 और अनुसूचित जाति की आठ सीटें है। पार्टी ने सी और डी कैटेगरी में सीटों को बांटा है। सी कैटेगरी में वह सीटें हैं जहां पार्टी दो या ज्यादा बार हारी है। कभी जीते भी हैं तो काफी कम अंतर से। डी कैटेगरी में वह सीटें हैं जो कभी नहीं जीत सके। पार्टी ने चुनाव से काफी पहले इन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, ताकि उम्मीदवारों को जमीन पर काम करने का और अपनी जीत सुनिश्चित करने का ज्यादा समय मिल सके। भाजपा के पास अभी 127 विधायक हैं। 103 सीटों पर पार्टी हारी है। अब बाकी हारी सीटों पर भी पार्टी की तरफ से जल्द ही सूची जारी की जा सकती है।
पुराने चेहरों को भी मौका
भाजपा को 2018 में सबसे ज्यादा नुकसान महाकौशल, मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल में हुआ था। उपचुनाव में ग्वालियर-चंबल में पार्टी ने हारी सीटों को दोबारा जीत लिया था। भाजपा ने अपनी सूची में अधिकतर पिछली बार हारे उम्मीदवारों को मौका दिया है। छह पूर्व मंत्रियों को टिकट दिया है। छतरपुर से ललिता यादव, गोहद से लालसिंह आर्य, शाहपुरा से ओमप्रकाश धुर्वे और सौंसर से नाना भाऊ मोहोड़, सुमावली से अदल सिंह कंसाना ओर जबलपुर पूर्व से अंचल सोनकर शामिल हैं। पूर्व विधायकों में भोपाल मध्य से ध्रुवनारायण सिंह, महेश्वर से राजकुमार मेव, मुल्ताई से चंद्रशेखर देशमुख, घाटिया से सतीश मालवीय, भैंसदेही से महेंद्र सिंह चौहान को टिकट दिया है। पार्टी की तरफ से पिछली बार हारे 14 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया है।
अनुभवी, नौजवान और बहनों को मौका दिया-वीडी
भाजपा की पहली सूची पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बुधवार को हुई बैठक में फैसले लिए गए थे। इसके बाद ही पहली सूची जारी की गई। जिन उम्मीदवारों का चयन हुआ है, वह विजय पताका लहराएंगे। सभी प्रत्याशी पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगे। अनुभवी, नौजवान और बहनों को मौका दिया है।
ग्वालियर-चंबलः छह सीटें
- मुरैना जिले की सबलगढ़ सीट से सरला विजेंद्र राव और सुमावली सीट से एंदल सिंह कंसाना को उम्मीदवारा बनाया है। कंसाना कांग्रेस में थे। भाजपा में शामिल होने के बाद उपचुनाव में हार गए थे। अब पार्टी ने उनको दोबारा उम्मीदवार बनाया है।
- भिंड जिले की गोहद सीट से लाल सिंह आर्य को उम्मीदवार बनाया है। आर्य भाजपा की राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष है। वह विधायक और मंत्री रह चुके हैं। पिछला चुनाव हारे थे।
- शिवपुरी की पिछोर सीट से प्रीतम लोधी को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। लोधी उमा भारती के करीबी हैं। वह एक बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन हारे थे। लोधी को पार्टी ने ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के चलते पार्टी से निकाला था। बाद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोधी की पार्टी में वापसी कराई।
- गुना जिले की चाचौड़ा सीट से पार्टी ने प्रियंका मीणा को टिकट दिया है। यहां से अभी दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह विधायक है।
- अशोकनगर की चंदेरी सीट पर पार्टी ने जगन्नाथ सिंह रघुवंशी को उम्मीदवार बनाया है।
मध्य भारत: चार सीटें
- भोपाल में भोपाल मध्य सीट से भाजपा ने ध्रुवनारायण सिंह को टिकट दिया है। ध्रुवनारायण मध्य सीट से विधायक रहे हैं। हालांकि, शहला मसूद हत्याकांड में उनका नाम उछलने के बाद पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था। बाद में सीबीआई ने ध्रुवनारायण सिंह को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद से वह लगातार मध्य में टिकट के लिए प्रयास कर रहे थे।
- भोपाल उत्तर सीट पर भाजपा ने पूर्व महापौर आलोक शर्मा को टिकट दिया था। इस सीट पर कांग्रेस के आरिफ अकील लगातार जीतते आ रहे थे। इस सीट पर आलोक शर्मा एक बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
- बैतूल में मुल्ताई सीट पर भाजपा ने चंद्रशेखर देशमुख को टिकट दिया है। देशमुख ने 2013 में कांग्रेस विधायक और मंत्री सुखदेव पांसे को चुनाव हराया था। यहां जातिगत समीकरणों को ध्यान रखकर पार्टी ने चंद्रशेखर देशमुख को टिकट दिया है। भैंसदेही से पार्टी ने महेंद्र सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है। महेंद्र सिंह चौहान 2003 और 2013 में विधायक रहे। पिछली बार चौहान कांग्रेस उम्मीदवार से हार गए थे।
महाकौशलः 11 सीटें
- कटनी जिले की बडवारा सीट पर भाजपा ने धीरेंद्र सिंह को टिकट दिया है। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
- जबलपुर की बरगी सीट पर नीरज ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है।
- जबलपुर पूर्व से अंचल सोनकर को उम्मवार बनया है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
- डिंडौरी की शाहपुरा सीट पर पार्टी ने ओमप्रकाश ध्रुर्वे को टिकट दिया है। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
- मण्डला की बिछिया सीट पर पार्टी ने डॉ. विजय आनंद मरावी को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
- बालाघाट की बैहर सीट पर भगत सिंह नेताम को उम्मीदवार बनया है। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। वहीं, लांजी- से राजकुमार कर्राये को उम्मीवार बनाया है।
- नरसिंहपुर की गोटेगांव सीट पर महेंद्र नागेश को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
- छिंदवाड़ा में सौंसर से पार्टी ने नानाभाऊ मोहोड़ को उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह पांढुर्ना में प्रकाश उइके को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट अजजा के लिए आरक्षित है।
- सिवनी के बरघाट में कमल मस्कोले को उम्मीदवार बनाया है। यह अनुसूचित जनजाति के आरक्षित है।
मालवा-निमाड़ः 11 सीटें
- देवास जिले की सोनकच्छ सीट पर राजेश सोनकर को उम्मीदवार बनाया है। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है।
- खरगोन जिले के महेश्वर में राजकुमार मेव को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। मेव भी पिछला चुनाव हार गए थे।
- खरगोन की ही कसरावद से आत्माराम पटेल को उम्मीदवार बनाया है। पटेल को पार्टी ने दोबारा उम्मीदवार बनाया है। वह पिछली बार चुनाव हार गए थे।
- अलीराजपुर सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। यहां से नागर सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है।
- झाबुआ जिले में झाबुआ से भानू भूरिया और पेटलवाद निर्मला भूरिया को उम्मीदवार बनाया है।
- धार जिले की कुक्षी सीट से जयदीप पटेल को उम्मीदवार बनाया है। और धरमपुरी में कालू सिंह ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटें अजजा के लिए आरक्षित हैं।
- इंदौर की राऊ सीट पर मधु वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। वर्मा 2018 में भी उम्मीदवार थे, लेकिन चुनाव हार गए थे।
- उज्जैन में तराना से ताराचंद गोयल को उम्मीदवार बनाया। वहीं, घाटिया से सतीश मालवीय को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
बुंदेलखंडः पांच सीटें
- सागर की बंडा से वीरेंद्र सिंह लम्बरदार को उम्मीदवार बनाया है।
- छतरपुर की महाराजपुर में कामाख्या प्रताप सिंह को और छतरपुर से ललिता यादव को टिकट दिया है।
- दमोह की पथरिया सीट से लखन पटेल को टिकट दिया है।
- पन्ना की गुन्नौर में राजेश कुमार वर्मा को टिकट दिया है। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है।
विंध्य- दो सीटें
- सतना के चित्रकुट में सुरेंद्र सिंह गहरवार को टिकट दिया है।
- अनुपपूर के पुष्पराजगढ़ से हीरासिंह श्याम को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।