भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट फिर से होगा जारी
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राजधानी भोपाल का मॉस्टर पांचवी बार रद्द हो गया है। अब मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट नए सिरे से तैयार होगा। इसकी पूरी प्रक्रिया दिसंबर 2047 तक पूरी की जाएगी। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को मंत्रालय में भोपाल मास्टर प्लॉन के ड्रॉफ्ट के संबंध में बैठक बुलाई। इसमें मंत्री ने कहा कि राजधानी भोपाल का मास्टर प्लॉन जन-प्रतिनिधियों के दिये सुझाव के आधार पर तैयार किया जाएगा। यह मास्टर प्लॉन वर्ष 2047 की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजधानी का सुव्यवस्थित विकास हो और नागरिकों को सभी बुनियादी सुविधाएं सुलभ तरीके से मिल सके, इसके लिये सभी आवश्यक प्रावधान किये जाएगें। बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल महापौर मालती राय, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक रामेश्वर शर्मा, आतिफ अकील, पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, पूर्व निगम अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा और प्रमुख सचिव नीरज मण्डलोई भी मौजूद थे।
नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि भोपाल के तालाब विशेष रूप से बड़ा तालाब राजधानी की लाइफ लाइन माना जाता है और भोपाल आने वाले पर्यटकों के लिये विशेष आकर्षण का केन्द्र रहता है। तालाब और भोपाल की पुरातत्वीय विरासत को संरक्षित करते हुए मास्टर प्लॉन में प्रावधान किये जायेंगे। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से कहा कि राजधानी भोपाल का पृथक से ट्रेफिक प्लॉन तैयार किया जायेगा। इसमें सड़कों की पर्याप्त चौड़ाई, फ्लॉय-ओवर और मेट्रो सेवा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। मास्टर प्लॉन का प्रजेंटेशन आयुक्त टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग श्रीकांत भानोत और ज्वाइन डायरेक्टर सुनीता सिंह ने दिया। प्रजेंटेशन के आधार पर जन-प्रतिनिधियों ने आवश्यक सुझाव दिये।
मास्टर प्लॉन के लिये गये निर्णय के प्रमुख बिन्दु
- भोपाल मास्टर प्लॉन का नये सिरे से ड्रॉफ्ट तैयार किया जायेगा।
- सम्पूर्ण प्रक्रिया दिसम्बर-2024 तक पूर्ण की जायेगी।
- पूर्व के मास्टर प्लॉन के ड्रॉफ्ट में प्राप्त आपत्तियों को ध्यान में रखकर नवीन ड्रॉफ्ट मई-2024 में प्रकाशित किया जायेगा।
- 30 प्रतिशत कम्पाउंडिंग नगद भुगतान पर करने के लिये अगस्त-2024 तक विशेष अभियान चलाया जायेगा।
- नवीन मास्टर प्लॉन अब वर्ष 2031 के स्थान पर वर्ष 2047 तक की आवश्यकताओं के आधार पर बनाया जायेगा।
3 हजार से ज्यादा आपत्तियां मिली
बता दें जून 2023 में भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी होने के बाद जनप्रतिनिधियों, किसानों और क्रेडाई के सदस्यों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थी। विभाग को जनसुनवाई में 3 हजार से ज्यादा आपत्तियां मिली थी। जिनमें से अधिकतर को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद आगे की कार्रवाई होती उससे पहले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। जिससे आगे की कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
19 साल से अटका है मास्टर प्लान
भोपाल का मास्टर प्लान 19 साल से अटका हुआ है। इस बीच चार बार भोपाल के मास्टर प्लान का प्रारूप जारी हो चुका है, लेकिन लागू होने के पहले ही कई बाधाएं सामने आ जाती है। ऐसे में बिना मास्टर प्लान के शहर का विकास हो रहा है। इससे आने वाले समय में जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल भोपाल का मास्टर प्लान 1995 में लागू हुआ था, जिसकी समय अवधि दिसंबर 2005 में समाप्त हो गई है। प्लान के लागू होने के समय शहर की आबादी 15 लाख के आसपास थी। ऐसे में उस समय के प्लान के अनुसार ही शहर में विकास हो रहा है।