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Bhopal News: पुलिस ने 7 माह के बच्चे का दफन शव निकलवाया, पोस्टमार्टम के लिए भेजा, कुत्ते घसीटकर ले गए थे

Sat, 13 Jan 2024 05:09 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल में सात माह के बच्चे के श्मशान में दफन शव को पुलिस ने शनिवार को  निकलवाया। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बच्चे को कुत्ते घसीटकर ले गए थे और उसका एक हाथ खा लिया था। उसके पूरे शरीर पर कुत्तों के दांत और नाखूनों के निशान थे। 
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कुत्तों के हमले में बच्चे की मौत हो गई। कुत्ते उसका हाथ खा गए। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भोपाल के मिनाल रेसीडेंसी में कुत्तों के हमले से मृत सात माह के बच्चे का शव पुलिस ने श्मशान से निकवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दरअसल परिजनों ने बच्चे की मौत की बात उसे दफना दिया था। पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पीएम रिपोर्ट के आने के बाद ही कहा जा सकता है कि मौत का क्या कारण है। उन्होंने कहा कि अभी परिजन बयान देने की स्थिति में नहीं है। उनके थोड़ा संभलने के बाद बयान लिए जाएंगे। 
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कुत्तों को पकड़ने वृहद अभियान चलेगा 
वहीं, भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि मासूम को कुत्तों के द्वारा काटने का मामला संवेदनशील और दुखद है। इस पर प्रशासन और पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ने के लिए वृहद अभियान चलाने के निर्देश नगर निगम को दिए है। वहीं, मृतक बच्चे के परिजनों को जिला प्रशासन की तरफ से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि पहुंचाई गई है। इसके अलावा 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि जल्द पहुंचाई जाएगी। आवारा कुत्तों को पकड़ने के काम में बाधा डालने वाले पर एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। 

तीन एनिबल बर्थ कंट्रोल सेंटर, पर लगातार बढ़ रही कुत्तों की संख्या
वहीं, भोपाल में तीन एनिबल बर्थ कंट्रोल सेंटर है। कुत्तों की नसबंदी करने के लिए सालाना डेढ़ करोड़ रुपए का बजट है। इसके बावजूद कुत्तों की नसंबदी को लेकर कोई काम होता नहीं दिख रहा है। अब नगर निगम ने फिर अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को आठ आवारा कुत्तों को पकड़ा था। इस मामले को लेकर नगर निगम के कमिश्नर फ्रैंक नोबल ने कहा कि उस एरिया को चेक करा रहा है। एक अभियान चला रहे हैं। 2200 और 2500 स्ट्रलाइजेशन प्रतिमाह होते है। हमारे तीन एबीसी के सेंटर चल रहे हैं। जो इसी वर्ष शुरू हुए हैं। उन्होंने कहा की गाइडलाइन के अनुसार ही हम काम कर रहे हैं। शहर में जिस जगह से आवारा डॉग्स को पिकअप किया जाता है। उसका इलाज करने के बाद उसे वहीं छोड़ दिया जाता है।
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बच्चे को पार्क में छोड़ चली गई थी मां 
मूलत: गुना जिले का एक मजदूर महेन्द्र बाल्मीकि अपने परिवार के साथ छावनी पठार बिलखिरिया में रहता है। इन दिनों महेन्द्र व उसकी पत्नी मिनाल रेसीडेंसी इलाके के गेट नंबर चार के पास साफ-सफाई का काम करते है। गुरुवार को दोनों यहां पर काम करने के लिए पहुंचे थे। सुबह करीब दस बजे उसने बच्चे को दूध पिलाने के बाद पार्क में जमीन पर लिटा दिया। कुछ देर बाद वापस आकर देखा तो बच्चा गायब था। बच्चे को न देख चौंकी तथा तुरंत ही अपने पति को बुला लिया। इसके बाद आसपास के लोगों ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। थोड़ी ही दूरी पर बच्चा तो मिल गया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। उसके शरीर पर जख्म के निशान थे। कुत्ते उसका एक हाथ पूरी तरह से खा गए थे। मासूम को कुत्तों ने जब काट-काटकर मार डाला तब नगर निगम की टीम को सूचना दी गई। जब शुक्रवार को नगर निगम की टीम कुत्ते पकडऩे पहुंची तब यहां लोगों ने जमकर हंगामा किया।
 
लापरवाही के आरोप
इस पूरे मामले में पुलिस पर गंभीरता न बरतकर लीपापोती के आरोप भी लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि लोगों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस को परिजनों ने शपथ पत्र देकर पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कुछ भी नहीं किया। शुक्रवार को जब सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल हुआ तब शुक्रवार शाम सवा सात बजे पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
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