राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।