मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार पर हमले शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने आरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से सवाल पूछा। वहीं, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि यूपीए सरकार ने उच्च शिक्षा में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था, लेकिन उसको सही तरीके से लागू नहीं किया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में 18 सालों से भाजपा की सरकार है। लेकिन पिछड़ा वर्ग जिसका हकदार है, उसे आज तक नहीं मिला है। यादव ने आगे कहा कि वर्ष 2011-12 में जब हमने मनमोहन सरकार के समय जातिगत जनगणना का काम किया था। जनगणना पूर्ण हो चुकी थी सिर्फ आंकड़े जारी करने का काम बाकी था, लेकिन पिछले 10 साल से नरेंद्र मोदी हमारे देश के प्रधानमंत्री है, मोदी जी लगातार पिछड़ों की बात तो करते और चुनाव में पिछड़ों के नाम पर वोट भी मांगते है, मगर पिछड़ा वर्ग के लिए करते कुछ नहीं। यादव ने कहा कि जो हमने जातिगत जनगणना कराई उस पर भी रोक लगाने का काम किया है। आखिर जनगणना के आंकड़े जारी क्यों नहीं किए जा रहे?
यादव ने पीएम से सवाल किया कि आपने जो 50 फीसदी का आरक्षण कैप लगाकर रखा है उसे समाप्त करने में क्या परेशानी है? हम सब यह प्रधानमंत्री से जानना चाहते हैं कि आप जातिगत जनगणना के आंकड़े कब जारी करेंगें? जो आरक्षण में 50 फीसदी का कैप लगा हुआ है उसे समाप्त करने के लिए आप क्या करेंगे? पिछड़ा वर्ग की आबादी के लिए आपका क्या एजेंडा और प्लान है यह देश की जनता को बताएं?