चुनावी साल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जाट समाज के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। रविवार को राजधानी के भेल दशहरा मैदान में 12 साल बाद जाट महाकुंभ का आयोजन किया गया। प्रदेश में जाट समाज के करीब करीब 25 लाख लोग हैं।
शिव की जटाओं से हुई जाट समाज की उत्पत्ति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जाट समाज की उत्पत्ति भगवान शिव की जटाओं से हुई है। जाट वीर योद्धाओं ने किसी आतताई को जमीन पर पैर जमाने नहीं दिए, उन्हें खदेड़ खदेड़ कर मारा। कई जाट शासकों ने इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। सीएम ने कहा कि जब जाट समाज के बारे में सोचते हैं तो साहसी, स्पष्टवादी, वीर, निर्भीक, मेहनती, सेना में रहकर प्राण देने वाले, सच्चे देशभक्त और अन्याय को ना सहन करने वाले लोग सामने आते हैं। इस समाज ने एक नहीं अनेक समाज सुधारक और वीरयोद्धा इस देश को दिए हैं।
बचपन से मिला जाटों का प्यार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बचपन से जाट समुदाय का प्यार और आशीर्वाद मिला है। इमरजेंसी में मैं जेल में बंद था। छूट कर आया तो जनता पार्टी का काम शुरू किया। मुझे यह कहकर घर से निकाल दिया कि यह फिर जेल जाएगा। मुझे घर में सहारा देने वाले जैत गांव के विक्रम सिंह जाट थे। नारायणपुर से माया नारोलिया जी का गहरा रिश्ता है। विद्यार्थी परिषद हो या भारतीय जनता पार्टी मुझे आशीर्वाद विक्रम वर्मा का और कमल पटेल का ही मिला।
तेजा दशमी पर ऐच्छिक अवकाश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब लोग वह घटना जानते है। नाग ने जब वीर तेजाजी को डंसने की बात कही तो उन्होंने कहा कि मैं वचन का पक्का हूं। पहले गौ हत्या हो रही है। मैं पहले गौ की रक्षा करुंगा। फिर मैं खुद आऊंगा तुम मुझे डंस लेना। कहते हैं कि गौ की रक्षा करके तेजाजी वापस लौटे तो शरीर पर इतने घाव थे कि कहीं जगह ही नहीं थी। नाग ने कहा कि कहां डंसू? तब तेजाजी महाराज ने कहा कि यह मेरी जीभ है इस पर डंस लो। ऐसे वचन के सच्चे और देशभक्त थे तेजाजी। इसलिए उनके नाम पर वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा। तेजाजी महाराज के निर्वाण दिवस तेजादशमी पर 1 दिन का प्रदेश में ऐच्छिक अवकाश भी घोषित किया जाएगा।
नीना वर्मा व पटेल हैं, एक दो ही बहुत भारी होते हैं
सीएम ने जाट समाज की मांग के अनुसार शैक्षणिक भवन के लिए भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में जमीन देखने कृषि मंत्री कमल पटेल को अधिकृत किया। उन्होंने मंत्री को कहा कि आप जमीन देखिए, उस दिशा में सार्थक कदम उठाने का काम करेंगे। सीएम ने कहा कि एक बात मेरे बस में नहीं है, झूठ नहीं बोलूंगा। आपने कहा कि 10 टिकट पक्के करें। अभी कमल पटेल और नीना विक्रम वर्मा जी तो हैं, एक दो ही बहुत भारी होते हैं। फिर भी आपकी मांग को पार्टी तक पहुंचाने का काम करुंगा।
इतिहास से बच्चों को प्रेरणा मिलेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की मांग के अनुसार जाट महापुरुषों के इतिहास को मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उनका इतिहास पढ़ कर ताकत और बच्चों को प्रेरणा मिलेगी। बच्चों को दिशा मिलेगी। उन्होंने जाट समाज को प्रमाण करते हुए कहा कि आप सब देशभक्त हैं। आप सब अन्न के भंडार भरते हैं। आप देश को जरूरत पढ़ने पर सबकुछ न्यौछावर करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसे वीर देश भक्त समाज को मैं प्रणाम करता हूं।
सम्मेलन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एवं किसान नेता कमल पटेल, आरक्षण संघर्ष समिति के यशपाल मलिक, आईएनएलडी के अध्यक्ष अभय चौटाला, आरएलपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल, अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह जाट, माया नारोलिया जी, प्रहलाद पटेल, राधाराम पटेल, नरेंद्र सिंह जाखड़, निर्मल चौधरी शामिल हुए।
जाट समाज ने की ये प्रमुख मांगें
1. मध्य प्रदेश राज्य वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए ।
2. तेजाजी महाराज के निर्वाण दिवस तेजादशमी पर एक दिन का शासकीय अवकाश घोषित किया जाए।
3. केंद्र की भर्ती परीक्षाओं में जाट समाज को ओबीसी में शामिल किया जाए।
4. ओबीसी आरक्षण की बहाली की जाए, 27% आरक्षण लागू किया जाए।
5. जाट समाज के शैक्षणिक भवन के लिए भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भूमि आवंटित की जाए।
6. चुनाव के समय टिकट वितरण में जाट समाज के 10 उम्मीदवारों को भाजपा से टिकट दिए जाए।
7. ग्वालियर में स्थित महाराजा भीमसिंह राणा की छतरी एवं भीमताल को यथा स्थान पर संरक्षित किया जाए। ओंकारेश्वर में स्थित जाट धर्मशाला को भी यथास्थान पर रखा जाए।
8. हमारे समाज के महापुरुषों के इतिहास के साथ जो छेड़छाड़ की जा रही है उसे बंद किया जाए और इतिहासकारों की टीम बनाकर उसे सुधारा जाए।
9. हूण विजेता जाट सम्राट यशोधर्मन विर्क की मूर्ति भोपाल में स्थापित की जाए एवं मंदसौर में स्थित मूर्ति के नीचे शिलालेख पर जाट सम्राट यशोधर्मन विर्क अंकित किया जाए।
10. जोगा जाट किले की मरम्मत कराकर उसे जाट राजा जोगा सिंह द्वारा निर्मित स्मारक ऐसा शिलालेख लिखकर वहां लगाया जाए।
11. आजाद हिंद फौज के संस्थापक राजा महेंद्र प्रताप जी, हिंदू धर्म रक्षक महाराजा सूरजमल जी , महाराजा रणजीत सिंह जी, वीर गोकुला, भक्त शिरोमणि कर्मा बाई, धन्ना भगत उपरोक्त सभी महापुरुषों की प्रतिमाएं पूरे प्रदेश में स्थापित की जाएं एवं इनका इतिहास मप्र के शिक्षा पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित किया जाए।