मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में बच्चे की कथित तौर पर आयुर्वेदिक दवाएं खाने से मौत के बाद राज्य सरकार के आयुष विभाग ने संबंधित दवाओं को जब्त कर उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। मंत्रालय ने बताया कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वह राज्य प्राधिकरणों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है ताकि आयुष दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानक सुनिश्चित किए जा सकें और जनता के कल्याण के लिए इनका सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग हो। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वह आयुष दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर प्रतिबद्ध है और समय-समय पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 तथा ड्रग रूल्स 1945 के प्रावधानों के पालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करता रहता है।
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कहा गया कि गुणवत्ता नियंत्रण, दवा लाइसेंस जारी करने और कार्रवाई करने का अधिकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य औषध नियंत्रकों और राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों के पास है। ये प्राधिकरण मिलावटी, भ्रामक या नकली आयुष दवाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं।मंत्रालय के अनुसार, मध्यप्रदेश आयुष औषध नियंत्रण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद तत्काल कार्रवाई की गई है — जिसमें संदिग्ध दवाओं की जब्ती, नमूनों को जांच के लिए भेजना और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करना शामिल है।