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MP News: मध्य प्रदेश के मुस्लिम आईएएस ने की ब्राह्मणों से अपील, बोले- नवीन निर्माण के बाद खुशी नहीं मातम मनाओ

Mon, 12 Jun 2023 01:27 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

IAS Niyaz Khan Tweet: मध्य प्रदेश के एक मुस्लिम आईएएस अधिकारी ने नए विकास कार्यों को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने कहा कि हर निर्माण के साथ लाखों वृक्ष कटते हैं और यह धरती को विनाश की ओर ले जा रहा है। ब्राह्मण भूमिका बदलेंगे तो ही स्थिति सुधरेगी। 
 
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आईएएस नियाज खान - फोटो : Twitter
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मध्य प्रदेश के चर्चित मुस्लिम आईएएस अधिकारी नियाज खान ने अब नए विकास कार्यों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को अपना नजरिया बदलना होगा। हर नवीन निर्माण के बाद खुशी नहीं मातम मनाना होगा। ब्राह्मण मार्गदर्शक रहा है और उसके सामने नई चुनौती आ गई है। 

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हिंदू धर्म समेत कई विषयों पर आठ किताबें लिख चुके नियाज खान की हाल में किताब आई थी ब्राह्मण द ग्रेट। इसे ही आगे बढ़ाते हुए सोमवार को उन्होंने ट्वीट किया कि एशिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के अश्वेत देश अपनी संस्कृति, प्राचीन मूल्यों एवम संस्कारों को छोड़कर विकाश की इतनी तेज दौड़ लगा रहे हैं मानो वे इस धरती के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकल जाएंगे। प्रकृति की गोद किसी को याद नहीं रह गई है। धार्मिक गुरुओं को ही इस विनाश की दौड़ को रोकना होगा। कुछ देर बाद उन्होंने इस ट्वीट को समझाने के लिए एक वीडियो मैसेज भी जारी किया। 

अपने वीडियो मैसेज में नियाज ने कहा कि मैंने पढ़ा कि अविकसित देश में एक बड़ा विकास कार्य हो रहा है। जब भी कोई निर्माण कार्य होता है तो हजारों वृक्षों का बलिदान दिया जाता है। धरती मां का सीना चीरना पड़ता है। पर्यावरण को हम नुकसान पहुंचाते हैं। हजारों-करोड़ों पशु-पक्षियों का घर छीन लेते हैं। आप वेदों को उठाकर देखिए। उसमें सभी देवी-देवता प्रकृति के रक्षक हैं। उनका दायित्व धरती को बचाना, प्रकृति की रक्षा करना है। मेरा मानना है कि जब भी हम कोई निर्माण कार्य शुरू करते हैं तो धरती माता के सीने को चीरते हैं। धरती माता हमारा पेट भरती है। हमें अनाज देती है। हम उसका ही सीना चीर देते हैं। दुर्भाग्य है कि किसी का भी ध्यान इस तरफ नहीं है। 
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ब्राह्मणों से अपील करते हुए नियाज खान ने कहा कि ब्राह्मणों के सामने एक नई चुनौती आ गई है। पूरे के पूरे वेद और ब्राह्मणों की जो परंपरा रही है, वह प्रकृति की गोद में रही है। वह मानते हैं कि प्रकृति ही सब कुछ है। प्रकृति संरक्षित है तो धरती पर सबकुछ है। हमारे वेदों में भी वृक्षों, पशुओं, हरियाली का उल्लेख किया है। जब ब्राह्मण जाग जाएगा तो बाकी भी जाग जाएंगे। ब्राह्मण यह मान लें कि मुझे निर्माण कार्य के प्रति दृष्टिकोण बदलना है। हर वृक्ष को बचाना है। नवीन निर्माण के बाद खुशी नहीं मातम मनाना है, तो स्थिति में सुधार होगा। हर ब्राह्मण मार्गदर्शक रहा है तो उसे अपनी भूमिका बदलनी होगी। 

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