मध्य प्रदेश में ठंड का मौसम थोड़ा पीछे चल रहा है। अमूमन नवंबर के पहले सप्ताह में ठंड कंपकंपाने लगती है, पर इस बार तापमान सामान्य ही है। हालांकि जल्द ही मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज जल्द ही बदलने वाला है। हवाओं का रुख उत्तरी होने से ऊपरी हिस्से में हुई बर्फबारी का असर यहां भी देखने को मिलेगा। अगले दो-तीन दिन में रात का तापमान लुढ़केगा।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कहती है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। न्यूनतम तापमान उज्जैन संभाग के जिलों में काफी गिरे तथा शेष संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। ग्वालियर संभागों के जिलों में सामान्य से काफी अधिक, रीवा, उज्जैन, शहडोल संभागों के जिलों में सामान्य से अधिक रहे। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तामपान 11.2 पचमढ़ी में दर्ज किया गया।
प्रदेश के बड़े शहरों का हाल
| शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
| भोपाल |
31.7 |
16.6 |
| इंदौर |
31.2 |
17.2 |
| जबलपुर |
29.9 |
15.0 |
| ग्वालियर |
30.4 |
18.2 |
मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिन के तापमान में गिरावट रही। वहीं रात का पारा लगभग स्थिर रहा। प्रदेश में अधिकतम तापमान 34 डिग्री के आसपास बना हुआ है। सबसे गर्म खंडवा रहा। यहां 34.1, दमोह में 33.5, खरगोन में 33, मंडला में 32.5, नौगांव-रतलाम में 32.4, उज्जैन-राजगढ़ में 32, भोपाल-गुना में 31.7, उमरिया में 31.4, नर्मदापुरम में 31.3, इंदौर में 31.2, धार में 31.1, सागर में 31 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान फिलहाल स्थिर रहा। विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिला। सभी जिलों में 20 डिग्री से नीचे ही तापमान रहा। प्रदेश में सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। पचमढ़ी में 11.2, मंडला में 11.5, छिंदवाड़ा में 13.3, खरगोन में 13.4, सिवनी में 13.6, रायसेन-खंडवा में 14, उमरिया-बैतूल में 14.2 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले दो दिन में रात का पारा लुढ़केगा। हवाओं का रुख उत्तरी होने लगा है। जानकार बताते हैं कि उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है, लेकिन हवाओं का रुख बदलने से ठंडक प्रदेश में दाखिल नहीं हो सकी। वर्तमान में जम्मू–कश्मीर पर पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है। गुरुवार शाम तक ये सिस्टम उत्तर भारत से आगे बढ़ेगा। इधर गुरुवार को नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने की संभावना है, इसके कारण प्रदेश के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हो सकती है। कुल मिलाकर अब तापमान में गिरावट होने लगी है।