फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्यप्रदेश: ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी एमपी सरकार, मंत्री प्रहलाद पटेल बोले- कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे

Fri, 09 Oct 2026 10:23 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। मंत्री प्रहलाद पटेल ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए तत्कालीन कमलनाथ सरकार पर संवैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी और राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में अध्यादेश लाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह संवैधानिक रूप से संवेदनशील मामला है और सरकार अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। उन्होंने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े विवाद के लिए तत्कालीन कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ की जल्दबाजी में अध्यादेश लाया गया, लेकिन उसे पर्याप्त संवैधानिक आधार नहीं दिया गया। पटेल ने कहा कि भाजपा हमेशा पिछड़े वर्ग के हितों के समर्थन में रही है। ओबीसी आरक्षण और पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने जैसे विषयों पर पार्टी ने जिम्मेदारी के साथ काम किया है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी और सहमति के साथ अदालत में सरकार का पक्ष रखा गया था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  एमपी में ओबीसी आरक्षण: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 27% आरक्षण रद्द; 13% होल्ड पदों पर तीन महीने में होगी भर्ती

50 प्रतिशत आरक्षण सीमा का दिया हवाला
मंत्री ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा पार करने के लिए ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिल चुका था, इसके बावजूद सरकार ने आयोग से सहमति लेने की जरूरत नहीं समझी। पटेल के अनुसार, हाईकोर्ट की टिप्पणियों से तत्कालीन सरकार के फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए अध्यादेश लाने और अब अपनी जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया। पटेल ने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि आरक्षण की कानूनी लड़ाई के दौरान संवैधानिक प्रावधानों और सीमाओं पर पर्याप्त चर्चा क्यों नहीं की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  ओबीसी आरक्षण: हाईकोर्ट के फैसले पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले- कांग्रेस की कानूनी चूक जिम्मेदार

पुरानी नियुक्तियों पर फैसले को बताया उचित
हाईकोर्ट के फैसले में वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुई नियुक्तियों में कार्यरत लोगों को नौकरी से नहीं हटाने संबंधी व्यवस्था का जिक्र करते हुए पटेल ने इसे उचित बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में आरक्षण से जुड़ी चुनौतियों और समायोजन के सवालों पर राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी। उनके मुताबिक, ओबीसी वर्ग के हितों से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर सरकार आगे भी कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी लड़ाई जारी रखेगी। 

ये भी पढ़ें- एमपी: 27% ओबीसी आरक्षण रद्द होने से महासभा नाराज, सुप्रीम कोर्ट जाएगी; प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें