विक्रम अहाके पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ
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मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा से महापौर विक्रम अहाके फिर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने इसके संकेत दिए हैं। लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 29 सीटों पर भाजपा ने क्लीन स्वीप किया है। पिछले चुनाव में एकमात्र छिंदवाड़ा सीट, जो कांग्रेस के पास थी उसे भी भाजपा ने जीत लिया है। नतीजे देख अहाके का मन फिर डोल रहा है। छिंदवाड़ा सीट पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ मानी जाती थी। इसको जीतने के लिए भाजपा ने भी पूरा जोर लगा दिया था। पहले तो उनके करीबी और रणनीतिकारों को ही तोड़ लिया। फिर चुनाव प्रचार में पूरा जोर लगा दिया। इस बीच कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके भी उनका साथ छोड़ कर भाजपा में पहुंच गए थे, लेकिन मतदान के दिन उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील कर भाजपा को चौंका दिया था। अब नतीजे आने व कमलनाथ के सांसद पुत्र नकुलनाथ की हार के बाद महापौर विक्रम अहाके का मन फिर डोल रहा है। वे भाजपा का रुख कर सकते हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में इसके संकेत दिए है? पेश से अहाके से चर्चा के प्रमुख अंश :
सवाल- आप भाजपा में हैं या कांग्रेस में हैं?
अहाके- मैं छिंदवाड़ा का महापौर हूं। इस शहर के विकास के कामों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हूं और आगे काम करूंगा। जल्द ही मेरी स्थिति के बारे में आपको पता चल जाएगा।
सवाल- आपने पिछले दिनों भाजपा ज्वाइन करने के बाद कांग्रेस को वोट देने का संदेश जारी किया था?
अहाके- देखिए, वह संदेश मैंने भावनात्मक रूप से जारी किया। उसमें कुछ गलत नहीं है। उस समय जो मुझे लगा वह मैंने किया। मैं छिंदवाड़ा के विकास और जनता के भले के लिए काम कर रहा हूं। आगे भी मैं उसी पर बढूंगा।
सवाल- छिंदवाड़ा में 26 साल बाद कांग्रेस व कमलनाथ या नकुलनाथ की हार का क्या कारण मानते हैं?
अहाके- जनता ने केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार को देख कर वोट किया, ताकि छिंदवाड़ा का भी लगातार विकास हो। चुनाव या जंग में जो जीतता है कि वो सिकंदर होता है। विवेक बंटी साहू को जनता ने मौका दिया है। मुझे लगता है कि सात सात विधायक देने के बावजूद विकास कार्यों में कुछ कमी रह गई। जिसका कांग्रेस को नुकसान हुआ है।
सवाल- आपके अनुसार कौन से विकास कार्य नहीं हुए, जिनसे नुकसान हुआ?
अहाके- ऐसे कई काम हैं, जो सीधे जनता को प्रभावित करते हैं। फिर भी कुछ कामों में छिंदवाड़ा में मेडिकल कॉलेज का फंड बाकी रह गया, जो अब तक जारी नहीं हुआ। यहां पर एयरपोर्ट प्रस्तावित है, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। डैम से शहर में आ रहे पानी के विस्तार की योजना बनी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यूनिवर्सिटी के फंड जैसे जैसे कई काम हैं। इसमें कई काम सीधे जनता से जुड़े हुए भी हैं।
सवाल- आपकी भाजपा में फिर चर्चा चल रही है?
अहाके- आपको मेरे बारे में जल्द ही पता चल जाएगा। तीन से चार दिन में सब कुछ सामने आ जाएंगा। मैं फिर कह रहा हूं कि मैं छिंदवाड़ा के विकास के लिए आगे भी काम करता रहूंगा।