दिग्विजय सिंह के फर्जी इस्तीफा मामले में क्राइम ब्रांच ने सोमवार को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एक दूसरे के खिलाफ षड्यंत्र और आरोप प्रत्यारोप से सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है। दिग्विजय सिंह के फर्जी इस्तीफा मामले में क्राइम ब्रांच ने सोमवार को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस पर कांग्रेस ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तंज कसा है।
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने एफआईआर की कॉपी शेयर कर लिखा कि भोपाल अपराध शाखा को दिग्विजय सिंह के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों, फर्जी दस्तखत कर षड्यंत्रपूर्वक उनकी और कांग्रेस की छवि बिगाड़ने के कुप्रयास को लेकर भाजपा प्रवक्ता हितेश वाजपेयी के विरुद्ध एफआईआर का आवेदन दिया था। अपराध शाखा ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर हमें लॉलीपॉप दिया। उन्होंने कहा कि डीसीपी साहब इस सम्मान से मुझे वंचित क्यों किया गया। बिना प्रमाण मेरे विरुद्ध सीधी एफआईआर क्यों दर्ज हुई? क्या क्राइम ब्रांच सत्ता और विपक्ष में विभाजित है??
हमें कोई साक्ष्य नहीं दिया गया
वहीं, इस मामले में क्राइम ब्रांच के उपायुक्त श्रुति कीर्ति सोमवंशी ने अज्ञात पर अपराध दर्ज करने को लेकर कहा कि ऑनलाइन लेटरहेड शेयर करने पर कोई अपराध पहले भी दर्ज नहीं किया गया है। अपराध फर्जी लेडर हेड बनाने वाले पर दर्ज किया गया है। फर्जी लेटर हेड किसने बनाया हमें किसी ने कोई साक्ष्य नहीं दिया है। इसलिए अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
यह है मामला
रविवार को कांग्रेस की 144 प्रत्याशियों की सूची जारी करने के दौरान दिग्विजय सिंह के नाराज होने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस्तीफा लिखने का लेटरहेड सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस पत्र को भाजपा के प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने शेयर किया। जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने क्राइम ब्रांच में हितेश वाजपेयी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाकर और फर्जी हस्ताक्षर से षड्यंत्र पूर्वक उनकी और कांग्रेस की छवि बिगाड़ने का आरोप लगा कर एफआईआर करने आवेदन दिया था। क्राइम ब्रांच ने मामले में सोमवार को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।