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Mp election 2023: इस बार चुनाव में दम दिखायेगी VBP-VJP, बीजेपी-कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें

Fri, 27 Oct 2023 04:12 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Bhopal: विधानसभा चुनाव 2023 में VBP-VJP दोनों ही पार्टियां 40-40 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार रही हैं। दोनों ही पार्टियों का फोकस, विंध्य पर सबसे अधिक है। इसके साथ ही ग्वालियर चंबल, बुंदेलखंड और भोपाल की कुछ सीटों पर भी इन्हें उम्मीद नजर आ रही है। 
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अपने प्रत्याशी उतारेगी वास्तविक भारत पार्टी और विंध्य जनता पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आप, सपा, बीएसपी, जीजीपी और जयस जैसी पार्टियां पहले से ही तीसरे मोर्चे के तौर पर चुनाव मैदान में हैं, लेकिन इस बार मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दो नई पार्टियों का दम और देखने को मिलेगा। इनमें एक पार्टी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ही पूर्व osd ने बनाई है। जबकि दूसरी पार्टी भारतीय जनता पार्टी से ही बागी हुए विधायक ने। जी हां हम बात कर रहे हैं। वास्तविक भारत पार्टी (VBP) और विंध्य जनता पार्टी (VJP) की। इनमें से वास्तविक भारत पार्टी का निर्माण पूर्व आईएएस वरदमूर्ति मिश्रा ने किया है, जबकि विंध्य जनता पार्टी बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने बनाई है। मिश्रा एक समय पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के osd रहे हैं। नारायण त्रिपाठी वर्तमान में मैहर से विधायक हैं। इन दोनों ही पार्टियों को चुनाव चिन्ह का आवंटन भी हो चुका है। जहां VBP को गैस सिलेंडर चुनाव चिह्न मिला है तो VJP को गन्ने लिए हुए किसान चुनाव चिह्न दिया गया है। 
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40-40 सीटों पर प्रत्याशी
विंध्य जनता पार्टी और वास्तविक भारत पार्टी दोनों ने ही प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों में से 40-40 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का एलान किया है। विंध्य जनता पार्टी ने शुक्रवार को अपनी पहली सूची जारी कर 25 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित भी कर दिए हैं। वहीं वास्तविक भारत पार्टी ने 40 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम के बी फॉर्म जारी कर दिए हैं। इन्हें सीधे चुनाव आयोग को भेजा गया है। VBP ने फिलहाल प्रत्याशियों के नामों को गुप्त रखा है। 

एमपी में नहीं मिलती अधिक सफलता
तीसरे मोर्चे की बात करें तो मध्य प्रदेश का चुनावी इतिहास बताता है कि यहां पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल को अब तक कोई बड़ी सफलता अर्जित नहीं हुई है। कांग्रेस और बीजेपी को छोड़कर कोई अन्य राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत नहीं कर पाया है। हालांकि उत्तरप्रदेश से लगे इलाकों में बीएसपी और सपा का प्रभाव देखने को मिलता है, पर चुनाव में यह पार्टियां भी अब तक कोई बड़ा आंकड़ा नहीं छू पाई हैं। आप को खाता खोलने की उम्मीद है। जयस ने 2018 के चुनाव में हीरा अलावा के रूप में एक सीट हासिल की थी, लेकिन वो भी कांग्रेस के साथ हो गए हैं। यही कुछ हाल GGP का है। अब बात करें VJP और VBP की तो ये तो चुनाव परिणाम बताएंगे कि प्रदेश में इनका भविष्य क्या होगा।
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