मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का काउंट डाउन के साथ ही चुनाव का रोमांच बढ़ने लगा है। नवरात्र की पहले दिन रविवार को कांग्रेस ने 144 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। इसमें मध्य भारत क्षेत्र के भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के आठ जिलों सीहोर, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिले की 38 सीटों में से 19 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है। कांग्रेस ने बैतूल-सीहोर की एक-एक, भोपाल- नर्मदापुरम की चार, रायसेन और विदिशा की दो-दो सीट और राजगढ़ में तीन सीट पर अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। जिन सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का एलान किया है, उसमें अधिकतर सीटों पर वर्तमान विधायक और पूर्व प्रत्याशी को ही मैदान में उतारा है। एक दो जगह नए चेहरे को मौका दिया गया है।
हरदा जिला
हरदा- इस सीट पर कांग्रेस ने पूर्व विधायक राम किशोर डोंगने को प्रत्याशी बनाया है। वे कृषि मंत्री और भाजपा के प्रत्याशी कमल पटेल को चुनाव हरा चुकी हैं। 2018 में उनको कमल पटेल ने चुनाव हरा दिया था।
टिमरनी- यहां से कांग्रेस ने अभिजीत शाह को प्रत्याशी बनाया है। अभिजीत शाह भाजपा से वर्तमान विधायक संजय शाह के भतीजे हैं। 2028 में भी चाचा-भतीजे आमने-सामने आए थे। जिसमें भतीजे को हार का सामना करना पड़ा था।
बैतूल जिला
बैतूल- इस सीट पर कांग्रेस ने वर्तमान विधायक निलय डागा को प्रत्याशी बनाया है। निलय डागा ने पिछली बार भाजपा के वरिष्ठ नेता हेमंत खंडेलवार को चुनाव हराया था। भाजपा ने अभी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
मुलताई- इस सीट पर भी कांग्रेस ने वर्तमान विधायक सुखदेव पांसे को अपना उम्मीदवार बनाया है। सुखदेव पांसे के सामने भाजपा ने पूर्व विधायक चंद्रशेखर देशमुख को टिकट दिया है। दोनों प्रत्याशी के कुनबी समाज से होने से मुकाबला कड़ा होने की संभावना है।
घोड़ाडोंगरी- अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस ने नए चेहरे राहुल उइके को टिकट दिया है। यहां से कांग्रेस के ब्रह्मा भलावी विधायक हैं। भलावी ने पिछले चुनाव में भाजपा की गीता बाई उइके को हराया था।
भैंसदेही- अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस ने वर्तमान विधायक धरमु सिंह सिरसाम को टिकट दिया है।
आमला- इस सीट पर वर्तमान में भाजपा विधायक योगेश पंडाग्रे विधायक हैं। भाजपा ने उनको दोबारा प्रत्याशी बनाया है। इस सीट से डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने चुनाव लड़ने का एलान किया है। उनका इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है। ऐसे में कांग्रेस ने यहां पर जिताऊ उम्मीदवार के इंतजार में सीट होल्ड की है।
सीहोर जिला
सीहोर- इस सीट पर कांग्रेस ने शंशाक सक्सेना को अपना प्रत्याशी बनाया है। 2018 में इस सीट पर भाजपा के सुदेश राय ने कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह को हराया था। शंशाक सक्सेना पूर्व विधायक के बेटे हैं।
बुदनी- इस सीट पर कांग्रेस ने टीवी एक्टर विक्रम मस्ताल को प्रत्याशी बनाया है। 2018 में इस सीट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री अरुण यादव को हराया था। विक्रम मस्ताल ने बुधनी के रहने वाले हैं।
आष्टा- यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर भाजपा के रघुनाथ सिंह मालवीय विधायक हैं। कांग्रेस ने कमल चौहान को प्रत्याशी बनाया है।
इछावर- इस सीट पर कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
भोपाल जिला
मध्य- इस सीट पर वर्तमान में कांग्रेस से आरिफ मसूद विधायक हैं। कांग्रेस ने उनको ही अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने 2018 में भाजपा के सुरेंद्र नाथ सिंह को हराया था। यहां पर भाजपा ने पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह को टिकट दिया है।
नरेला- इस सीट पर वर्तमान में भाजपा के विश्वास सारंग विधायक हैं। भाजपा ने सारंग को ही प्रत्याशी बनाया है। यह सीट गठन के बाद से ही भाजपा के पास है। इस सीट पर कांग्रेस ने युवा चेहरे मनोज शुक्ला को टिकट दिया है।
बैरसिया- अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस ने पूर्व प्रत्याशी जयश्री हरिकरण को उतारा है। वह पिछला चुनाव भाजपा के विष्णु खत्री से हार गई थी। भाजपा ने विष्णु खत्री को अपनो उम्मीदवार बनाया है।
दक्षिण-पश्चिम- इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने होल्ड कर दिया है। यहां पर कांग्रेस से पीसी शर्मा विधायक हैं। दोनों ही एक दूसरे के प्रत्याशी के प्रत्याशी उतारने को इंतजार कर रहे है।
उत्तर- इस सीट पर कांग्रेस के आरिफ अकील विधायक है। इनके परिवार में ही सीट पर विवाद हो गया है। अकील स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ना चाहते। उन्होंने अपने मझले बेटे आतिफ को उत्तराधिकारी बनाया। वहीं, उनके भाई ने भी दावा ठोक दिया है। कांग्रेस आरिफ अकील को ही चुनाव लड़ाने के पक्ष में है। यहां से भाजपा ने पूर्व महापौर आलोक शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
गोविंदपुरा- इस सीट को भी कांग्रेस ने होल्ड कर दिया है। इस सीट भाजपा का गढ़ है। इस सीट पर भाजपा की कृष्णा गौर विधायक हैं। भाजपा ने उनको ही प्रत्याशी बनाया है। यहां पर भी कांग्रेस की तरफ से तीन से चार दावेदार हैं।
हुजूर- इस सीट पर भी कांग्रेस ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। यहां पर भी कांग्रेस के पास दो से तीन दावेदार है। वहीं, भाजपा ने वर्तमान विधायक रामेश्वर शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
राजगढ़ जिला-
राजगढ़- इस सीट पर कांग्रेस ने वर्तमान विधायक बापू सिंह तनवर को टिकट दिया है। इन्होंने पिछले चुनाव में भाजपा के अमर सिंह हो चुनाव हराया था। भाजपा ने अभी अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है।
खिलचीपुर- इस सीट पर कांग्रेस ने वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को उतारा है। इन्होंने पूर्व विधायक हजारी लाल दांगी को चुनाव हराया था। भाजपा ने हजारी लाल दांगी पर ही भरोसा जताया है।
नरसिंहगढ़- इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने प्रत्याशी नहीं उतारे है। यहां पर भाजपा के राज्यवर्धन सिंह विधायक है।
ब्यावरा- इस सीट पर भी कांग्रेस और भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के नाम का एलान नहीं किया है। यहां से कांग्रेस से रामचरण दांगी विधायक है।
सारंगपुर- यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर भी कांग्रेस और भाजपा ने अपने प्रत्याशी के नाम का खुलासा नहीं किया है। यहां पर भजपा से कुंवर कोठार विधायक है।
रायसेन जिला-
उदयपुरा- इस सीट पर कांग्रेस ने अपने वर्तमान विधायक देवेंद्र सिंह पटेल गडरवास को प्रत्याशी बनाया है। पिछले चुनाव में भाजपा के भाजपा के राम किशन पटेल को हराया था। यहां पर भाजपा ने नरेंद्र शिवाजी पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया है।
सिलवानी- इस सीट पर कांग्रेस ने पूर्व विधायक देवेंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर अभी भाजपा से विधायक पूर्व मंत्री रामपाल सिंह है। भाजपा ने उनको ही अपना प्रत्याशी बनाया है।
भोजपुर- इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। अभी यहां से भाजपा से विधायक पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा है।
सांची- इस सीट पर भी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। इस सीट पर वर्तमान में भाजपा से मंत्री प्रभुराम चौधरी विधायक है। उनको ही पार्टी ने अपना उम्मीदवार भी घोषित किया है।
विदिशा जिला-
विदिशा- इस सीट कांग्रेस ने वर्तमान वर्तमान शंशाक भार्गव को प्रत्याशी बनाया है। भार्गव ने पिछले चुनाव में भाजपा के मुकेश टंडन को चुनाव हराया था। यह सीट 46 साल बाद कांग्रेस ने जीती थी।
बासौद- इस सीट पर कांग्रेस ने पूर्व विधायक निशांक जैन को टिकट दिया है। वह 2018 का चुनाव हार गए थे। इस बार पार्टी ने दोबारा उन पर भरोसा जताया है।
शमशाबाद- इस सीट पर कांग्रेस ने सिंधु विक्रम सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। वह 1994 में पहली बार सरपंच बनी थी। वह शमशाबाद कृषि मंडी अध्यक्ष रही हैं। यहां से भाजपा की राजश्री सिंह विधायक है। भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
कुरवाई- इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने पत्ते नहीं खाले है। यहां से भाजपा के हरि सिंह सप्रे विधायक है।
सिरोंज- इस सीट पर भी कांग्रेस को उम्मीदवार नहीं मिला है। यहां पर भाजपा ने विधायक उमाकांत शर्मा को टिकट दिया है।