सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छठी बार और उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम मस्ताल (टीवी सीरियल-रामायण-2 के हनुमान) ने पहली बार विधानसभा चुनाव के लिए बुदनी में नामांकन किया। भोपाल से करीब 80 किमी दूर बुदनी और सलकनपुर के देवी मंदिर जाने और वहां से कोलार डैम होकर लौटने में जगह-जगह लोगों से बातचीत का मौका मिला। चुनावी मिजाज भांपने के लिए तीन जगह हुई चर्चा वाकई दिलचस्प थी। इसमें सबसे पहले बात सबसे खास स्थान बुदनी की।
खुद के मैदान में उलझे बड़े नाम
नरेंद्र तोमर : बसपा के त्रिकोण में फंसे
मुरैना से सांसद हैं। नरेंद्र सिंह तोमर को पार्टी ने दो बार हारी सीट दिमनी जीतने को प्रत्याशी बनाया है। 2013 में बसपा के बलवीर सिंह दंडोतिया जीते। 2018 में कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक गिर्राज दंडोतिया जीत गए। 2020 में गिर्राज सिंधिया के साथ भाजपा के हो गए और उपचुनाव में कांग्रेस के रवींद्र सिंह तोमर से हारे। नरेंद्र तोमर से चुनाव तोमर बनाम तोमर हो गया है।
प्रह्लाद पटेल : पटेल से ही लड़ाई
दमोह से सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल को उनके ही विधायक भाई जालम सिंह की सीट नरसिंहपुर से मैदान में उतारा है। प्रह्लाद पांच बार के सांसद हैं। लेकिन विधान सभा चुनाव पहली बार लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने यहां से फिर लाखन सिंह पटेल को उतारा है। 2018 में लाखन सिंह पटेल जालम सिंह पटेल से 14903 वोटों से हार गए थे। इस विधानसभा सीट पर करीब 55,000 पटेल वोटर हैं।
फग्गन सिंह कुलस्ते : प्रमुख आदिवासी चेहरा
भाजपा के प्रमुख आदिवासी चेहरा केंद्रीय मंत्री और मंडला से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते 1990 में भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। पिछली बार उनके भाई और भाजपा प्रत्याशी राम प्यारे कुलस्ते को कांग्रेस के अशोक मर्सकोले ने हरा दिया था। कांग्रेस ने भी विधायक का क्षेत्र बदलकर चैन सिंह बरकड़े को उतारा है।
कैलाश विजयवर्गीय : सीएम के नाम पर वोट
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय इंदौर-1 से प्रत्याशी हैं। छह बार विधानसभा चुनाव जीत चुके कैलाश को मौजूदा कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला से कड़ी चुनौती मिल रही है। पिछले चुनाव में इंदौर शहर की सिर्फ एक यही सीट कांग्रेस जीत पाई थी। यहां विजयवर्गीय के समर्थक उन्हें अगले सीएम के रूप में प्रचारित कर वोट मांग रहे हैं।
डिप्टी सीएम की चर्चा कांग्रेस के खेमे में भी है...
कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम मस्ताल के घर की भीड़ का दावा था कि विक्रम जीते तो मंत्री बनेंगे। कांग्रेस सत्ता में आई तो डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे। कमलनाथ-दिग्विजय के बीच सब तय हो चुका है।