प्रदेश में 17 नवंबर को हुए मतदान के लिए कांग्रेस पार्टी ने पीसीसी मुख्यालय से कंट्रोल रूम संचालित किया। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह यहां 230 सीटों की मॉनिटरिंग करते रहे। इनके साथ ही कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता और अधिवक्ताओं की टीम भी यहां मौजूद रही। कंट्रोल रूम में प्रदेश भर से अलग-अलग शिकायतें पहुंचीं। जिन्हें सुनकर अधिकारियों से उचित कार्रवाई करने के लिए चर्चा की गई।
15 गंभीर अपराध भी
इस दौरान कांग्रेस के कंट्रोल रूम में 200 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनकी शिकायत निर्वाचन आयोग से की गई। इसके अतिरिक्त कांग्रेस पार्टी ने 15 जघन्य मामलों की शिकायत भी निर्वाचन आयोग से की है। कंट्रोल रूम में छतरपुर, रीवा, दिमनी, सीधी, खुरई, इंदौर, बरगी, विजय राघौगढ़, झाबुआ, पृथीपुर, शुजालपुर, महू , मुरैना और ब्याबरा से गंभीर शिकायतें कांग्रेस के कंट्रोल रूम में पहुंची थीं, जिन्हें आयोग के पास पहुंचाया गया है।
ये शिकायतें मिली
कांग्रेस ने प्राप्त शिकायत में बताया कि छतरपुर के राजनगर में कांग्रेस प्रत्याशी नाती राजा के ड्राइवर की हत्या। वहीं रीवा में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अटैक किया। दिमनी में भी नरेद्र सिंह तोमर के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। सीधी में भी कांग्रेस प्रत्याशी और उनके वाहन पर हमले की शिकायत की गई। इसके साथ ही खुरई में कांग्रेस पोलिंग एजेंट को बाहर करने की शिकायत की गई। इसके साथ ही राऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले की शिकायत की गई। जबलपुर के बरगी में भी बीजेपी कार्यकताओं ने कांग्रेस वर्कर पर हमला किया। इंदौर एक सीट पर भी कांग्रेस प्रत्याशी को धमकाने की शिकायत। इसी तरह विजयराघोगढ़, झाबुआ, पृथ्वीपुर, शुजालपुर, महू, मुरैना और ब्याबरा से भी कुछ इसी तरह की शिकायतें कांग्रेस कंट्रोल रूम को मिलीं।