मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा में होने वाले उप चुनाव में जहां बीजेपी ने रमाकांत भार्गव को अपना प्रत्याशी बनाया है वहीं कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को भार्गव के सामने उतार कर बड़ा चैलेंज दिया है। जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रत्याशी का ऐलान कर कांग्रेस के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। जानकारी के लिए बतादें कि कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी चयन के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी मीटिंग में शामिल हुए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता सपा नेताओं को मनाने में जुट गए। और लगातार दावा भी किया जा रहा है कि जल्दी सपा प्रत्याशी अपना नामांकन वापस लेंगे। वहीं भाजपा नेता समाजवादी पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के बाद कांग्रेस पर हमला बोल रहे हैं। नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अपने फायदे के लिए गठबंधन करती है। इधर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत कर विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के कराहल जनपद सीईओ अशोक शर्मा का स्थानांतरण करने की मांग की है।
चुनाव आयोग से की शिकायत
मध्यप्रदेश कांग्रेस चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया ने चुनाव आयोग को शिकायत पत्र लिखकर बताया है कि प्रदेश में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा और श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा में उप चुनाव की घोषणा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की गई है, जिसके चलते इन जिलों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है और 13 नवम्बर, 2024 को मतदान होना नियत है। विधानसभा क्षेत्र विजयपुर में प्रदेश सरकार के मंत्री रामनिवास रावत जो कि विजयपुर से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे है, उन्होंने विधानसभा चुनाव में लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अशोक शर्मा सीईओ को जनपद कराहल विधानसभा क्षेत्र विजयपुर में पदस्थ करा लिया गया है, जबकि अशोक शर्मा विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम आरोद के निवासी हैं, जो कि निमय विरूद्व है। शर्मा पूर्व में हुये विधानसभा चुनावों में भी वे इसी क्षेत्र में पदस्थ थे, उस समय स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा निर्वाचन आयोग को शिकायत कर उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करा दिया गया था।
बीजेपी ने बोला हमला
बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह पटेल ने मध्य प्रदेश कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि जहां मिलने से लूट दिखती है वहां गठबंधन कर लेते हैं। जहां यह नहीं हो पाता, वहां मैदान में उतार देते हैं।अजय सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र में 12 टिकट चाहती है, इसी दबाव के कारण बुधनी में प्रत्याशी उतार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों का कभी सम्मान नहीं करती।
कांग्रेस का दवा सपा प्रत्याशी का नाम होगा वापस
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर कई बड़े नेता सपा नेताओं को विश्वास में लेने की कोशिश में जुट गए हैं। वहीं कई नेता दावा कर रहे हैं कि जल्द ही सपा प्रत्याशी अपना नाम वापस लेंगे।कांग्रेस प्रदेश मीडिया प्रभारी और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने कहा कि सपा प्रत्याशी का नाम वापस होगा। सपा से बातचीत चल रही है। गौरतलब है कि बुधनी विधानसभा में कांग्रेस और सपा का गठबंधन नहीं दिख रहा है। क्योंकि कांग्रेस ने यहां से पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है, वहीं समाजवादी पार्टी ने अर्जुन आर्य के नाम का ऐलान किया है। खास बात यह है कि राजकुमार पटेल के नाम का ऐलान होते ही सपा ने अर्जुन आर्य को प्रत्याशी बनाया उधर अर्जुन ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में यहां इंडिया गठबंधन नहीं दिख रहा। हालांकि अभी भी कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि जल्द ही समझौता हो जाएगा।
स्थानीय निवासी हैं जनपद सीइओ शर्मा
जेपी धनोपिया ने बताया कि अशोक शर्मा, सीइओ जनपद कराहल विधानसभा क्षेत्र विजयपुर के स्थानीय निवासी होने के आधार पर उनका विजयपुर में चुनाव प्रक्रिया के दौरान पदस्थ रहना प्रतिबंधात्मक है। इस संबंध में विभिन्न समाचार पत्रों में विस्तृत समाचार प्रकाशित हुए है। वन मंत्री रामनिवास रावत के सबसे खास एवं विश्वसनीय तथा नजदीकी अधिकारी को अपने चुनाव में लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से पदस्थ कराया जाना आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को प्रेषित शिकायती पत्र में अशोक शर्मा, सीइओ जनपद कराहल विधानसभा क्षेत्र विजयपुर को तत्काल विधानसभा क्षेत्र विजयपुर से अन्यत्र स्थानांतरित किये जाने की मांग की है।