सीएम डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कलेक्टरों को जनकल्याण अभियान को गति देने, नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने और सुव्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनकल्याण अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य 22 जनवरी तक पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में कलेक्टर की भूमिका विकास कार्यों और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने यह भी कहा कि कलेक्टरों को समाज के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, विशेष उपलब्धियों का प्रचार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से किया जाना चाहिए, ताकि अन्य जिलों के अधिकारी भी प्रेरित हों।
रैनबसेरों का लगातार करें निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों के निरीक्षण पर भी जोर दिया और कलेक्टरों को शीतकाल में रैन बसेरों में रहने वालों की अच्छी देखभाल करने तथा रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, कलेक्टरों से थानों का आकस्मिक निरीक्षण करने और जिले की घटनाओं पर बारीकी से नजर रखने का भी आह्वान किया।
नि:क्षय अभियान में 23 जिले चिन्हित
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए नि:क्षय अभियान के अंतर्गत टी.बी. के नियंत्रण के लिए राज्य के 23 जिलों को चिन्हित किया है। उन्होंने कलेक्टरों को इस अभियान को गति देने का निर्देश दिया। प्रदेश के पांच जिलों, मंदसौर, नरसिंहपुर, मंडला, बैतूल और खंडवा, इस अभियान के क्रियान्वयन में शीर्ष पर हैं। उन्होंने टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट वितरण में भी जबलपुर, नरसिंहपुर, मंदसौर, अनूपपुर और मंडला जिलों की सराहना की।
रेडक्रॉस सोसायटी का सहयोग करें प्राप्त
स्वास्थ्य संचालक ने जानकारी दी कि मंदसौर में एक्सरे मशीन की खरीदी, सीहोर में जनप्रतिनिधियों द्वारा एक-एक टी.बी. रोगी की देखभाल का प्रण लेने और उज्जैन एवं नीमच में टी.बी. रोगियों के पंजीयन और उपचार के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी, एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों का टी.बी. उन्मूलन अभियान के लिए सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना में निर्धन वर्ग के नागरिकों की सहायता के लिए जिलों में समन्वय पूर्वक सहायता के कार्य किए जाएं।