वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में मध्यप्रदेश का बजट 2025 पेश किया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र को खास तवज्जो दी गई है। इस बार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए 23,535 करोड़ का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹2,992 करोड़ अधिक है।
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
राज्य में 52 जिला चिकित्सालय, 161 सिविल चिकित्सालय, 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 1,442 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 10,256 उप-स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 47,167 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा 539 शहरी स्वास्थ्य संस्थान भी कार्यरत हैं। इस वर्ष पचोर, अमझेरा, सिंगरौली और महेश्वर में नए अस्पताल बनाए जा रहे हैं, जबकि 34 नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और रीवा जिला चिकित्सालय में 100 बिस्तरों का वार्ड भी निर्माणाधीन है।
चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा
प्रदेश में 17 चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की 2,575 सीटें और स्नातकोत्तर के लिए 1,337 सीटें उपलब्ध हैं। इस वर्ष नीमच, मंदसौर और सिवनी में नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे 400 एमबीबीएस और 252 पीजी सीटें बढ़ाई गई हैं।
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एम्बुलेंस सेवा में बड़ा विस्तार
राज्य में 1,000 संजीवनी एम्बुलेंस और 1,059 जननी एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके माध्यम से अब तक 22 लाख से अधिक नागरिकों को सेवाएं दी जा चुकी हैं। इसके अलावा पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा भी शुरू की गई है, ताकि गंभीर रोगियों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा शीघ्र उपलब्ध हो सके। विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित खेल स्टेडियमों को हेलिपैड के रूप में उपयोग करने की योजना भी बनाई गई है।
सीएम केयर योजना से मरीजों को राहत
राज्य सरकार ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के लिए "सीएम केयर योजना" की शुरुआत की है। इसके तहत कैथ लैब और कैंसर उपचार सुविधाएं नजदीकी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
आयुष्मान योजना में 4.26 करोड़ कार्ड जारी
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत 4.26 करोड़ से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। योजना के तहत 497 सरकारी और 587 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए ₹2,039 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
आयुष चिकित्सा को बढ़ावा
पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 11 नए आयुर्वेद कॉलेज सह चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा पन्ना, गुना, भिंड, श्योपुर और शुजालपुर में 50 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल, बड़वानी में 30 बिस्तरीय अस्पताल, और बालाघाट, शहडोल, सागर, नर्मदापुरम एवं मुरैना में आयुष महाविद्यालय बनाए जा रहे हैं।
पिछले साल के बजट में क्या खास था
पिछले साल के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और उन्नयन को प्राथमिकता दी थी। 2024 के बजट में सरकार ने इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) लागू करने का वादा किया था, जिसके तहत 46,000 से ज्यादा नए पद सृजित किए गए। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए थे। 2003 में प्रदेश में सिर्फ 5 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जबकि 2024 तक इनकी संख्या बढ़कर 14 हो गई। सरकार ने 2024-25 में मंदसौर, नीमच और सिवनी में 3 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा की थी। अगले दो वर्षों में 8 और मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना भी बनाई गई थी।
आयुष्मान भारत योजना का विस्तार
सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के 1 करोड़ 8 लाख परिवारों के 4 करोड़ 1 लाख से अधिक सदस्यों को आयुष्मान कार्ड दिए थे। 2024 में हेल्थ बेनिफिट पैकेज 2022 लागू किया गया था, जिससे पहले की 1,670 चिकित्सा प्रक्रियाओं को बढ़ाकर 1,952 कर दिया गया था।