मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
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मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को "कीड़ा" कहने के आरोप को लेकर जोरदार बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रिकॉर्ड देखने के बाद स्पष्ट किया कि विजयवर्गीय ने अपने वक्तव्य में "कीड़ा" शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने युवाओं के लिए मंगलवार को आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। इस पर सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। विवाद बढ़ने पर कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा अध्यक्ष से व्यवस्था देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने पूरी कार्यवाही का वीडियो और रिकॉर्ड देखा है तथा उन्होंने युवाओं को 'कीड़ा' नहीं कहा। विजयवर्गीय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष इस पर माफी मांगते हैं या नहीं, यह उनका विवेक है।
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समझने की गलती : शुक्ल
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विजयवर्गीय का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष ने उनके बयान को गलत तरीके से समझा। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय ने क्या आप कॉकरोच पार्टी से मिल गए हैं? कहा था, न कि युवाओं को कॉकरोच या कीड़ा कहा था। यह केवल समझने की गलती है।
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सिंघार बोले- मेरे पास सबूत
इस दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने भाजपा पर हमला बोलते हुए एक पोस्टर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन में पोस्टर में संविधान के खिलाफ नारे लिखे गए हैं, जो पार्टी का असली चेहरा दिखाते हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि आपने एक पक्ष को सुना, उनके पास अपने आरोपों के सबूत हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहे तो पूरे मामले की जांच करा सकती है। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि इस मामले में नेता प्रतिपक्ष से गलती हुई है और उन्हें इसे स्वीकार करना चाहिए। हालांकि, उमंग सिंघार अपने आरोपों पर कायम रहे और कहा कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही।
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शब्द चयन में सावधानी बरतें : तोमर
बाद में विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्होंने पूरी रिकॉर्डिंग देखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैलाश विजयवर्गीय के मुंह से कीड़ा शब्द नहीं निकला। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों के चयन को लेकर सभी वरिष्ठ सदस्यों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि गलत संदेश या गलत व्याख्या से अनावश्यक विवाद और आंदोलन भड़क सकते हैं। विजयवर्गीय ने अंत में कहा कि उन्हें नेता प्रतिपक्ष से किसी तरह की अपेक्षा नहीं है। उन्होंने अध्यक्ष से केवल इतना आग्रह किया कि सदन के रिकॉर्ड के आधार पर सच सभी के सामने रखा जाए, जिस पर अध्यक्ष ने दोहराया कि रिकॉर्ड में विजयवर्गीय द्वारा कीड़ा शब्द कहे जाने का उल्लेख नहीं है।