खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित समीक्षा बैठक में बरखेड़ा नाथू स्थित अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह परिसर प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और प्रतियोगिता केंद्र बनेगा, इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए। बैठक में खेल परिसर की प्रवेश-निकास व्यवस्था को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया। मौजूदा तीन प्रवेश द्वारों के अलावा दो नए गेट बनाए जाएंगे, जिससे कुल पांच प्रवेश द्वार हो जाएंगे। इससे खिलाड़ियों, दर्शकों और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी।
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परिसर के चारों ओर सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। साथ ही आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, स्प्रिंकलर व्यवस्था और अन्य सुरक्षा सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। आग से सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण और आपातकालीन पहुंच मार्ग भी विकसित किए जाएंगे। मंत्री ने खिलाड़ियों और आगंतुकों की सुविधा के लिए पूरे परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सार्वजनिक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अलग से विस्तृत योजना तैयार की जाए। सारंग ने अधिकारियों से कहा कि खेल परिसर का हैंडओवर पूरी तकनीकी जांच के बाद ही किया जाए। किसी भी निर्माण को बिना सत्यापन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मरम्मत योग्य कार्यों की अलग कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।बैठक में पानी, बिजली, स्वच्छता, पार्किंग, आईटी सर्वर रूम, प्रशासनिक भवन, ऑडिटोरियम और अन्य आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाई जाएं।
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निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, परिसर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर एनर्जी के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। मंत्री ने प्रदेश के अन्य खेल परिसरों में भी चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था विकसित करने की योजना तैयार करने को कहा। इसके अलावा आधुनिक कैफेटेरिया, पर्याप्त पार्किंग, बाउंड्री वॉल के समानांतर सड़क, हॉर्टिकल्चर, विद्युत व्यवस्था और अन्य अधोसंरचना विकसित करने के लिए अलग-अलग प्रोजेक्ट तैयार कर जल्द अमल करने के निर्देश दिए गए। निर्माण एजेंसी को यह भी कहा गया कि किसी भी भुगतान से पहले खेल विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा।