देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच महामारी के खिलाफ लड़ाई में कारगर माने जा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बेहद बढ़ गई है। इसी के चलते कई जगह रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के मामले सामने आए हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से शनिवार को 800 से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक आई.डी.चौरसिया को हिरासत में लिया है।
भोपाल के हमीदिया से शनिवार को चोरी हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में सवालों के घेरे में आए अस्पताल के अधीक्षक आई.डी.चौरसिया को पद से हटा दिया है। क्राइम ब्रांच की टीम चौरसिया को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा हो सकता है।
बता दें कि भोपाल के हमीदिया अस्पताल से शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए कारगर रेमडेसिविर के 860 इंजेक्शन चोरी हो गए थे। इस संबंध में यहां कोहेफिजा पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली ने बताया कि 860 (रेमडेसिविर) इंजेक्शन चोरी हो गए हैं। हम जांच कर रहे हैं। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या इसका अब तक कोई सुराग मिला है, तो इस पर उन्होंने कहा कि जांच जारी है।
वहीं, एक अन्य आला पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि आशंका है कि अस्पताल प्रबंधन या स्टाफ से कोई व्यक्ति ऐसा हो सकता है जो इन चोरों के साथ मिला हो, क्योंकि इस समय बाजार में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग अधिक है।
इससे कुछ ही घंटे पहले अस्पताल में पहुंचे मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि जानकारी मिली है कि (रेमडेसिविर) इंजेक्शन चोरी हो गए हैं। यह बहुत गंभीर मामला है। संभागीय आयुक्त कवीन्द्र कियावत व भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली मौके पर पहुंच गये हैं और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।
रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी का मामला उस वक्त आया है, जब कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश में इस इंजेक्शन की भारी कमी है। कोहेफिजा पुलिस ने बताया कि इस मामले में भादंवि की धारा 457 एवं 380 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।