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मोहन कैबिनेट के फैसले: सिवनी-बालाघाट फोरलेन को मंजूरी, शाह मामले में अभियोजन स्वीकृति न देने की अनुशंसा

Tue, 25 Aug 2026 02:31 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 10,620 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। सिवनी-बालाघाट फोरलेन समेत किसानों, युवाओं, उद्योग और खेल से जुड़े कई फैसले लिए गए, जबकि मंत्री विजय शाह से जुड़े मामले में सरकार ने अभियोजन स्वीकृति न देने की अनुशंसा की है। 
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मुख्यमंत्री मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोहन सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई बड़े फैसले किए। सरकार ने अलग-अलग प्रस्तावों के लिए करीब 10,630 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें सड़क परियोजनाओं के लिए 4,600 करोड़ रुपये के कर्ज की गारंटी, सिवनी-बालाघाट और इंदौर देपालपुर फोरलेन समेत अनेक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके  अलावा किसानों की सहमति पर जमीन अधिग्रहण आसान और कमजोर वर्गों की योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रमुख हैं। इसके साथ ही उज्जैन के धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में 244 पद भरने और साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने का फैसला भी लिया गया। 
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वहीं, जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान से जुड़े मामले में भी निर्णय लेने की बात सामने आई है। इसके पहले कैबिनेट बैठक से अधिकारियों को बाहर निकाल दिया गया।  सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इस मामले में अभियोजन स्वीकृति नहीं देने की अनुशंसा की है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि शाह ने कई बार मामले में माफी मांग ली है। अब संबंधित फाइल अनुशंसा के साथ राज्यपाल के पास भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।   मंत्री शाह के खिलाफ यह मामला मई 2025 में महू के एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। विवाद बढ़ने के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया था और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने जांच पूरी करने के बाद शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी थी। इस मामले में अब 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होना है, जिसमें सरकार अपना पक्ष रखेगी। 


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12 सड़कों के लिए 4,600 करोड़ का कर्ज
प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एमपीआरडीसी को नाबार्ड से 4,600 करोड़ रुपये का ऋण लेने की अनुमति दी गई है। इस कर्ज के लिए राज्य सरकार गारंटी देगी। राशि से 12 प्रमुख मार्गों को बेहतर बनाने का काम होगा। इनमें भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ-मप्र, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग को 6-लेन, नीमच-मनासा-रामपुरा झालावाड मार्ग एसएस-7, इंदौर-देपालपुर मार्ग का 4-लेन, चापडा-नेवरी से देवास तक एसएच-64 का 2-लेन, दिनारा-दतिया,सेवड़ा मार्ग,आगर-सांरगपुर मार्ग, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई से खिमलासा मार्ग तथा सुन्दरा- सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया गोहदा-सिरमोर मार्ग शामिल है। इस कर्ज की भरपाई संबंधित मार्गों से मिलने वाले टोल और अन्य आय से करने की योजना है। जरूरत के अनुसार परियोजनाओं में बदलाव का अधिकार मप्र सड़क विकास निगम' (एमपीआरडीसी) को दिया गया है। 

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22 सड़कों का स्वामित्व एमपीआरडीसी को सौंपा
राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व हस्तांतरण नाममात्र मूल्य पर एमपीआरडीसी को किया जाएगा। इसके बदले निगम का संचालक मंडल राज्य सरकार के पक्ष में अपनी अंश पूंजी (शेयर) जारी करेगा। इस ऋण के ब्याज और ऋण का भुगतान हस्तांतरित मार्ग से प्राप्त टोल संग्रहण और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त राशि से किया जाएगा।

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सिवनी-बालाघाट फोरलेन को 3,960 करोड़
कैबिनेट ने सिवनी से बालाघाट के बीच 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए हाइब्रिड एन्युटी मॉडल अपनाया जाएगा। परियोजना पर करीब 3,960 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सड़क कृषि, खनिज, वन और पर्यटन क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी। इससे सिवनी, बालाघाट के साथ पेंच और कान्हा क्षेत्र तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

अब किसान की सहमति से जमीन लेना आसान होगा
सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब यदि किसी विकास परियोजना के लिए किसान और सरकार के बीच जमीन देने पर सहमति बन जाती है तो हर मामले में कैबिनेट की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। सहमति के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराई जा सकेगी और किसानों को तय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सड़क और दूसरी अधोसंरचना परियोजनाओं में जमीन की प्रक्रिया के कारण होने वाली देरी कम होगी।

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किसानों को वाट्सएप से खाद की बुकिंग सुविधा
कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़ी सुविधा को लेकर भी जानकारी सामने आई। अब किसान वाट्सएप के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। इससे खाद लेने के लिए किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों की फार्मर आईडी बनाने पर भी जोर दिया है। 20 अगस्त से इसका काम शुरू हो गया है। अधिकारियों को किसानों के पास जाकर आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह आईडी खाद-बीज सहित सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसानों के लिए उपयोगी होगी।

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ईओडब्ल्यू को नए कानूनों के तहत कार्रवाई का अधिकार
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत नए आपराधिक कानूनों में बदली गई धाराओं के अनुसार कार्रवाई के लिए ईओडब्ल्यू को अधिकृत किया गया है। भ्रष्टाचार और फर्जी भुगतान जैसे मामलों में आरोपी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में मंजूर किए गए। 

धन्वंतरि विश्वविद्यालय में 244 पद
उज्जैन के मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में 244 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। इनमें 154 नियमित, एक संविदा और 89 आउटसोर्स पद शामिल हैं। इससे विश्वविद्यालय के कामकाज को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े संस्थानों की संबद्धता, परीक्षा, निरीक्षण और अन्य व्यवस्थाएं भी बेहतर और समयबद्ध हो सकेंगी।

साइबर सुरक्षा के लिए 80 करोड़
राज्य में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने 2026-27 से 2030-31 तक 80 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। एमपी-सीईआरटी में 25 नए पद बनाए जाएंगे। इसके अलावा हर साल 10 इंजीनियरिंग स्नातकों को एक वर्ष की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन्हें 25 हजार रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता मिलेगा।

मध्यप्रदेश भवन के लिए 250 करोड़
नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन और अन्य कार्यालयों की व्यवस्थाओं के लिए सरकार ने 250.67 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि 2026 से 2031 तक खर्च होगी। इसमें मध्यप्रदेश भवन, विशेष आयुक्त कार्यालय, न्यायिक स्टाफ की परिवहन व्यवस्था और मुंबई स्थित मध्यालोक कार्यालय का संचालन व रखरखाव शामिल है। वहीं, मध्यांचल भवन के विस्तार और निर्माण के लिए 44.58 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 

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नेत्रहीन महिला क्रिकेटरों को 78 लाख
कैबिनेट ने 2025 महिला टी-20 विश्वकप नेत्रहीन क्रिकेट में स्वर्ण जीतने वाली मध्य प्रदेश की तीन खिलाड़ियों को कुल 75 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति दी। उनके तीन प्रशिक्षकों को 3 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस तरह कुल 78 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड)  कोलंबो (श्रीलंका) में नेपाल को पराजित कर स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय विजेता टीम की सदस्य एवं मध्य प्रदेश की खिलाडी सुनिता सराठे (नर्मदापुरम), दुर्गा येबले (बैतूल) एवं सुषमा पटेल (दमोह) को 25-25 लाख रुपये, जिसमें से 10-10 लाख रुपये नगद एवं 15-15 लाख रुपये फिक्सड डिपाजिट के रूप में तथा महिला खिलाडियों के प्रशिक्षक सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।
 

 
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