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मियां भोपाली के झोले-बतोले: कोन को नाथेगा भिरष्टाचार का ‘कमल’

सार

मध्य प्रदेश के चुनावों का प्रचार अभियान दोनों ही पार्टियों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किया है। सुबह कमलनाथ के पोस्टर लगे तो शाम को शिवराज के। दोनों में ही एक-दूसरे के भ्रष्टाचार को उजागर किया है। 
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अमर उजाला ग्राफिक्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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को खां, मधपिरदेश में चुनावी पिरचार का आगाज भिरष्टाचार से ई हो रिया हे। बीती 23 जून को भोपाल को पिरदेश के कुछ दूसरे शहरों में अचानक पिरदेश कांगरेस अध्यक्ष कमलनाथ के खिलाफ कुछ पोस्टर नुमाया हुए, जिनमे कमलनाथ को ‘करप्टनाथ’ बताया गया था। इन पोस्टरों में कमलनाथ सरकार के जमाने में हुए भिरष्टाचार को गिनाया गया था। इससे भड़की कांगरेस ने बीजेपी पर इल्जाम लगाया के वो ओछी हरकतों पे उतर आई हे तो बीजेपी ने पल्ला झाड़ते हुए बोला के ये तो कांगरेस के ई ‘आस्तीन के सांपों’ का काम हे। गजब ये रिया के शाम होते होते बीजेपी के आस्तीन के सांप भी कुलबुलाने लगे ओर शिवराज सरकार में हुए भिरष्टाचार का पूरा पोथा लिए जवाबी पोस्टर शहर में झिलमिलाने लगे। इसके मामला ओर संजीदा हो गया। कमलनाथ के खिलाफ पोस्टर कोन ने लगाए, ये अभी राज हेगा, मगर बीजेपी के चेहरे पर छाई खुशी ने संकेत दे दिया के इसके पीछे कोनका हाथ हे। मगर जो पलटवार कांगरेस की जानिब से हुआ हे, वो बीजेपी को मंहगा पड़ सकता हे, क्योंकि आज की तारीख में हुकूमत में वो ई काबिज हे।

मियां, मधपिरदेश में चुनावी ऐलान को अब महज चार महीने बचे हें ओर दोनो अहम पार्टियों बीजेपी ओर कांगरेस के बीच तल्खी बढ़ती जा रई हे। इधर शिवराज सरकार ने भिरष्टाचार के कई मामले उजागर होने के बाद कांगरेस लगातार हमलावर हो रई थी। उसका केना था के इस सरकार ने भगवान तक कोई नई छोड़ा। इसके पेले किसान सम्मान निधि योजना, पिरधानमंत्री आवास योजना, आहार पोषण घोटाला जेसे कई मामले उजागर हुए थे। ओर तो ओर करमचारियों के पीएफ की करोड़ों की रकम हड़पने का मामला भी इसी सरकार में हुआ। भगवान महाकाल के दरबार में घटिया मूर्ति लगाने ओर भोपाल में सतपुड़ा भवन में लगी आग में कान्फिडेशियल रिकाॅर्ड जलने ओर उसकी जांच में शार्ट सर्किट की गलती पाए जाने से पब्लिक में गलत संदेश जा रिया था। इतना ई नई भिरष्टाचार को लेके पिरदेश के मंतरी भी खुद सीएम के सामने आपस में लड़ने से गुरेज नई कर रिए। लग रिया हे के पूरे कुएं में भांग घुली हेगी। लिहाजा कांगरेस ओर हमलावर हो गई थी।

शायद इसी से परेशान भाजपा ने परदे के पीछे से नया दांव चला या चलवाया। ये शक इसलिए भी पुख्ता हुआ के कुछ दिन पेले पिरदेश बीजेपी अध्यक्ष वी.डी.शर्मा ने कमलनाथ पर जाती हमले का आगाज करते हुए उन्हें करप्शननाथ बताया था। उसके कुछ ही घंटों के भीतर भोपाल में ऐसे पोस्टर नमूदार होने लगे। इससे नाराज कांगरेस ने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई। मगर आगे क्या हुआ, कोई नई जानता। खुद कांगरेस ने भी जांच में उलझने की बजाए शाम तक जवाबी हमला करा के शिवराज सरकार सबसे भिरष्ट हे। वोटर अगले चुनाव में इसे हटाए।

खां, इस पोस्टर वार से इत्ता तो साफ हो गया के भिरष्टाचार अगले चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है बशर्तें कि दोनो पार्टियों में इसको लेके कोई अंदरूनी समझोता न हो जाए। याद करें कि जब 2018 में कमलनाथ सरकार हुकूमत में आई थी तो उसने बीजेपी राज के भिरष्टाचार उजागर करने बड़े पेमाने पे मुहिम शुरू करी थी। छापे वापे भी मारे गए थे। कुछ भूमाफिया को पकड़ा भी गया था। ई टेंडर जेसा बड़ा घोटाला भी बेनकाब हुआ था। मगर वो सरकार कुछ करती, उसके पेले ई आपसी जूतम पेजार में ‘शहीद’ हो गई। महाराज ने कमलनाथ का तख्त छीन लिया। मगर अब इस मुद्दे से खेलना बीजेपी के लिए भस्मासुर की माफिक हो सकता हे। क्योंकि भिरष्टाचार की मेराथन लिस्ट तो इस सरकार में नमूदार हो रई हे। कमलनाथ सरकार को महज 15 महीने चली। शिवराज सरकार तो तीन साल से हुकूमत में हे। भिरष्टाचार अपनी हदें तोड़ रिया हे। कारम डेम से लेके महाकाल लोक तक कोई इस घुन से नई बचा। यहां तक के शिवराज के एक खास मंतरी के खिलाफ लोकायुक्त में भिरष्टाचार का मामला दर्ज हो चुका हे, मगर पार्टी उस मंतरी से इस्तीफा मांगने की हिम्मत भी नई जुटा पा रई। एक ओर मंतरी ने सिंहस्थ की जमीन अपने नाम लिखवा ली। कारनामें तो भोत सारे हें, कित्ती गिनती करोगे। मियां, लुब्बो लुआब ये के बीजेपी ने भिरष्टाचार के खतरनाक खेल का आगाज तो कर िदया हे, मगर खुद उसे ई ये मेंहगा न पड़ जाए। वेसे भी जमीनी हालात कमलनाथ के कमजोर होने के बजाए कमल मुरझाने के ज्यादा बन रिए हें। एन वक्त पे कोई आसमानी सुल्तानी हो जाए तो बात दूसरी हे।

- बतोलेबाज

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw।co।in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

 

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