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MP Politics: उमा के ट्वीट पर बोले मंत्री चेतन्य कश्यप, उनका सुझाव अच्छा है, हम इस पर गंभीरता से विचार करेंगे

Thu, 28 Dec 2023 01:16 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मंत्री चेतन्य कश्यप के वेतन और भत्ता त्यागने पर सामने आए पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के ट्वीट के बाद कश्यप भारती के निवास पर पहुंचे। उन्होंने उमा भारती से मुलाकात कर उन्हें उन्हें पूरा मामला समझाया।
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उमा भारती से मिलने पहुंचे मंत्री चेतन्य कश्यप - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के ट्वीट पर कहा कि वे पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। बचपन से ही उनका त्यागमय जीवन रहा है। पूरा विषय मैंने उनके घर जाकर उन्हें बताया है। 

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कश्यप गुरुवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनका आशीर्वाद मेरे साथ भी है। ट्वीट में उन्होंने लिखा भी है कि उन्होंने सुझाव दिया है। हम उनके सुझाव पर गंभीरता से चिंतन करेंगे। 

उनका सुझाव अच्छा था व्यक्तियों को दान के प्रति आगे आना चाहिए। लोकसभा चुनाव को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा कि 29 सीटें जीतना बीजेपी का लक्ष्य है। पूरा विश्वास है इस बार एमपी की पूरी 29 सीटें बीजेपी जीतेगी। गुना हादसे पर उन्होंने कहा कि गुना की घटना दुखद है। पीड़ित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो उस पर काम करेंगे। 
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ये था उमा का ट्वीट 

  • उमा भारती ने ट्वीट किया था कि हाल ही में मंत्री बने तथा रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन कश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की है। अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी थी की वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जो कि साल भर का क़रीब 12 लाख होता है। 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं। 
  •  चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें। 
  • हमें यह याद रखना पड़ेगा की सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और न वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं। 
  • एक बार सांसद वरुण गांधी ने कहा था कि सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गांधी ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि वो हज़ारों करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक हैं। अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए।
  • अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन कश्यप जैसे पूंजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलने चाहिए।
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