सारिका घारू ने बताया कि गुरुवार को यह नजारा सिर्फ दो घंटे दिखाई देगा।
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सौर मंडल का सबसे चमकदार ग्रह शुक्र और सबसे बड़ा ग्रह गुरु इस गुरुवार को जोड़ी बनाते नजर आएंगे। दो मार्च को सूर्यास्त के बाद यह दोनों ग्रह पास नजर आएंगे। पश्चिम में लगभग 26 डिग्री ऊपर दोनों ग्रहों के बीच फासला सिर्फ आधा डिग्री रह जाएगा। पूर्णिमा के चांद बराबर का अंतर रह जाएगा। इस समय शुक्र की चमक -4 और गुरु की चमक -2.1 मैग्रीट्यूड होगी।
नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि गुरुवार को पश्चिम में लगभग 26 डिग्री ऊपर उदित दिखने के बाद दोनो ग्रहों का फासला आधा डिग्री रह जाएगा। सूर्य और चंद्रमा के बाद तीसरे सबसे चमकदार खगोलीय पिंड शुक्र का सबसे बड़े ग्रह गुरु के साथ मिलन एक मार्च से ही दिखने लगेगा, लेकिन गुरुवार को भारतीय समयानुसार अपराह्न चार बजकर 11 मिनट पर वास्तविक मिलन होगा। सूर्यास्त के बाद अंधेरा होने पर इस मिलन को देखा जा सकेगा।
खगोल विज्ञान के बारे में जागरुकता फैला रही सारिका का कहना है कि मिलन का अर्थ यह नहीं है कि दोनों ग्रह पास आ जाएंगे। शुक्र तो पृथ्वी से लगभग 18 करोड़ किमी ही रहेगा, वहीं गुरु की दूरी 88 करोड़ किमी से अधिक होगी। दूरी में इतना अंतर होते हुए भी इनका पृथ्वी से दिखने वाला कोण इस प्रकार होगा कि वे मिलते-से नजर आएंगे। उनका कहना है कि यह वास्तविक मिलन का नजारा सिर्फ दो घंटे ही देखने को मिलेगा। इसके बाद दोनों ग्रह क्षितिज में अस्त हो जाएंगे।