प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में जाने वालों की भीड़ थमने का नाम ही नहीं ले रहे है। एमपी के कटनी जंक्शन जो काफी व्यस्ततम स्टेशनों में शुमार है। यहां से प्रतिदिन 1 लाख की भीड़ कटनी स्टेशन से होकर महाकुंभ पहुंच रही है। रेल प्रशासन इसके लिए कई स्पेशल ट्रेनें भी चला है, हालांकि दिल्ली स्टेशन में हुए हादसे के बाद कटनी स्टेशन में भी सुरक्षा बलों की संख्या एवं व्यवस्थाएं बढ़ा दी गई है।
हालांकि इस व्यवस्था से महाकुंभ श्रद्धालु कितने संतुष्ट है, इस पर लोगों ने बताया कि भीड़ ज्यादा और ट्रेन कम होने से अफरा तफरी बनी रहती है। ट्रेनों को बढ़ाया जाए, क्योंकि भीड़ ज्यादा होने से हम लोगों को सीट नहीं मिली, इसलिए हम सभी जमीन पर बैठे हुए है।
दिल्ली हादसे में हुई मौत के बाद कटनी स्टेशन का निरीक्षण करने जबलपुर कमांडेंड सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी यहां पहुंचकर अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश देते हुए मीडिया से बातचीत में बताया कि दिल्ली स्टेशन में हुआ हादसा बहुत दर्दनाक था।
कटनी रेलवे स्टेशन
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ऐसा कटनी जिले में न हो इसके लिए हम सभी मुस्तैदी से लगे हुए हैं। क्योंकि कटनी 3 प्रमुख स्टेशन शामिल हैं, जहां अलग-अलग राज्यों से पहुंचने वाले श्रद्धालु प्रयागराज जा रहे है। महाकुंभ शुरू होने के बाद से कटनी जंक्शन से भीड़ बढ़ी है जिसे देखते हुए हमारे द्वारा स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई और घटाई जाती है। सामान्य दिनों में 4 से 5 स्पेशल ट्रेनें कटनी से महाकुंभ जाती है वही विशेष दिनों में 7 से 8 ट्रेनें दौड़ानी पड़ती है जिसमें हर दिन लाखो श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे है।
एक जानकारी के मुताबिक कटनी जंक्शन में पिछले 24 घंटे में करीब 123 अप एंड डाउन ट्रेन कटनी जंक्शन से होकर गुजरी है, जिसमें 1 लाख से अधिक यात्री श्रद्धालु महाकुंभ जा चुके है। वहीं जबलपुर कमांडेंड जावेद ने बताया कि दिल्ली स्टेशन में हुई भगदड़ के बाद हमने स्टेशनों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है, जो पहले 28 RPF के जवान उन्हें बढ़ा दिया है।
इसके साथ स्टेशनों में GRP के साथ अन्य रेल कर्मियों को मिलकर करीब 100 से अधिक लोग 24 घंटे में अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी में जुटे हुए है। जो यात्रियों की सुरक्षा करने के साथ ही बीच में बीच लोगो से अपील कर रहे है कि ट्रेन के आते और जाते वक्त प्लेटफॉर्म से दूर रहे।
प्लेटफार्म पर महिलाएं
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रीवा रेलवे स्टेशन पर सामान्य माहौल, प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में नहीं दिखी भीड़
माघ मेले और माघी पूर्णिमा स्नान के बावजूद रीवा रेलवे स्टेशन पर प्रयागराज जाने के लिए यात्रियों की भीड़ नहीं उमड़ रही है। आमतौर पर इस मौसम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन और बसों में देखी जाती थी, लेकिन इस बार स्टेशन का माहौल सामान्य बना हुआ है।
रीवा से प्रयागराज के लिए दो प्रमुख ट्रेनें रीवा-प्रयागराज पैसेंजर और रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस प्रतिदिन संचालित होती हैं। इन ट्रेनों में आम दिनों की तरह ही यात्री सफर कर रहे हैं, लेकिन कोई अतिरिक्त भीड़ नजर नहीं आ रही। प्लेटफॉर्म पर भी सामान्य हलचल बनी हुई है।
आमतौर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, जम्मू और अन्य राज्यों से प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालु इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन इस बार यात्रियों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं देखी जा रही। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कुछ यात्रियों ने निजी वाहनों और बसों का रुख किया है, जिससे ट्रेनों में भीड़ कम दिखाई दे रही है।
हालांकि, माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान करने वालों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे अगले कुछ दिनों में ट्रेनों और बसों में भीड़ बढ़ने की संभावना बनी हुई है। रेलवे प्रशासन भीड़ प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इंदौर रेलवे स्टेशन पर पुलिस परेशान
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इंदौर रेलवे स्टेशन पर पुलिस परेशान, स्टेशन पर सो रहे लोग, ट्रेनें 12 घंटे तक लेट
महाकुंभ की वजह से इंदौर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है। पुलिस को भीड़ नियंत्रण करने के लिए खासी मशक्कत करना पड़ रही है। पुलिस ने कहा है कि जनता को संभालने में परेशानी आ रही है। ट्रेन आते ही हर कोच के आगे व्यवस्था संभाल रहे हैं पुलिसकर्मी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की हर ट्रेन पर नजर है। रेलवे थाने के उप निरीक्षक गोपाल सिंह ने बताया कि स्टेशन पर भीड़ बहुत अधिक है। पुलिस सुरक्षा के लिए कई स्तर पर इंतजाम कर रही है। लगातार अनाउंसमेंट किए जा रहे हैं। कोई भी ट्रेन आने और जाने के समय हर कोच के आगे एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है ताकि लोग असुरक्षित तरीकों से ट्रेन के पास में न जाएं।
आठ से दस घंटे लेट है ट्रेन
महाकुंभ की ट्रेन छह से दस घंटे तक लेट चल रही है। ट्रेन का आने का समय सुबह 8.30 बजे है और आज सुबह की ट्रेन आठ घंटे लेट चार बजे तक आने की घोषणा हुई है वहीं ट्रेन का जाने का समय 12 बजे का है लेकिन अभी 6 बजे तक जाने का समय बताया है। यह और भी लेट हो सकता है।
कल एक महिला की जान गई
इंदौर रेलवे स्टेशन पर कल एक महिला ट्रेन के नीचे आ गई। परिजन के साथ कुंभ में जान के लिए निकली यह महिला जल्दबाजी में गलत ट्रेन में चढ़ गई और उतरते समय ट्रेन के नीचे आ गई।
सतना स्टेशन पर हुजूम
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सतना जंक्शन में उमड़ा यात्रियों का सैलाब
शाही एवं अमृत स्नान हो जाने के बाद भी प्रयागराज महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओ की भीड़ कम नही हो रही। सतना जंक्शन में शनिवार की शाम कुंभ यात्रियों का सैलाब नजर आया। रीवा-आनंद विहार ट्रेन आने के समय प्लेटफार्म से ले कर पटरियों तक श्रद्धालुओं का हुजूम था। ट्रेन आने पर आलरेडी रीवा से पैक आई। बोगियों में घुसने के लिए यात्रियों को जमकर जद्दोजहद करनी पड़ी। आरपीएफ एवं जीआरपी के जवान रेलवे प्रशासन भी भीड़ देखकर बेबस नजर आया।
परिवार साथ प्लेटफार्म में खड़े बच्चे स्टेशन का हाल देख सहमे हुए थे। प्रयागराज में महाकुंभ स्नान के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह आसमान पर है। मुंबई-हावड़ा प्रमुख रेल खंड पर स्थित सतना जंक्शन में शनिवार को प्रयाग जाने वाले यात्रियों की भीड़ इस कदर उमड़ी कि रेल प्रशासन को दोपहर बाद आनन फानन में सतना-कटनी से 2 महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन चलानी पड़ीं। इससे पहले रीवा-आनंद विहार सुपरफास्ट लगातार दूसरे दिन भी रीवा से पैक हो कर आई। रेल अफसरों ने बताया कि अपने तय समय पर जैसे ही ट्रेन प्लेट फार्म नंबर-एक पर आकर रुकी। उस समय स्टेशन में तकरीबन ८ हजार यात्री थे। श्रद्धालुओं ने ट्रेन को दोनों तरफ से घेर लिया। होड़ इस हद तक थी कि यात्रियों ने रेल की पटरियां पार कीं और दूसरी ओर हुजूम की शक्ल में जमा हो गए।
एक विशेष गाड़ी जाने के बाद भी रह गए 2 हजार यात्री
बताया गया है कि रीवा से चलकर आनंद विहार की ओर जाने वाली नियमित यात्री गाड़ी रीवा-आनंद विहार सुपरफास्ट जहां रीवा से पैक होकर आई ,वहीं सतना स्टेशन से इस पर लगभग एक हजार यात्री प्रयाग के लिए सवार हुए। शेष रह गए यात्रियों के लिए सतना से छिवकी के लिए शाम साढ़े 6 बजे एक मेला स्पेशल भेजी गई। पूरे 22 कोच की इस गाड़ी में 5 हजार यात्री सवार हुए। लगभग 2 हजार यात्री फिर भी स्टेशन में ही रह गए। इनके लिए रात साढ़े 10 बजे एक अन्य मेला स्पेशल ट्रेन कटनी से भेजी जाएगी।
दमोह रेलवे स्टेशन पर अभी भी प्रयागराज जाने के लिए यात्रियों को भारी कश्मकश करनी पड़ रही है। आलम यह
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दमोह स्टेशन पर भी दिखी भीड़
दमोह रेलवे स्टेशन पर अभी भी प्रयागराज जाने के लिए यात्रियों को भारी कश्मकश करनी पड़ रही है। आलम यह है महाकुंभ में जाने की डगर अभी भी बहुत कठिन है। रविवार की सुबह दमोह रेलवे स्टेशन परिसर हजारों यात्रियों से खचाखच भरा हुआ था और यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए भी जगह नहीं मिली भगदड़ जैसी स्थिति देखी गई। दो यात्री ट्रेन प्रयागराज की ओर रवाना हो गई, लेकिन अंदर बैठे यात्रियों ने गेट नहीं खोले।
दिल्ली रेलवे स्टेशन में हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत के बाद दमोह रेलवे स्टेशन पर भी यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रेन में चढ़ रहे थे। प्लेटफार्म पर ट्रेन रुकने के पहले ही यात्री अपनी जान की बाजी लगाकर ट्रेन में प्रवेश कर रहे हैं इसके बावजूद भी उन्हें अंदर बैठने नहीं मिल रहा। भले ही स्टेशन प्रबंधन अच्छी व्यवस्थाओं की बात कर रहा है, लेकिन यात्रियों की भीड़ इतनी अधिक है कि व्यवस्था बनाना मुश्किल प्रतीत हो रहा है।
भगदड़ के दिखे हालात
रविवार की दोपहर करीब 1:00 बजे सोमनाथ से जबलपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म क्रमांक दो पर पहुंची पहले से मौजूद हजारों यात्रियों की भीड़ ट्रेन में चढ़ने के लिए खड़ी हो गई, लेकिन ट्रेन के अंदर पहले से ही इतनी अधिक भीड़ थी कि प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री किसी भी तरह अंदर नहीं जा पाए। जीआरपी और आरपीएफ पुलिस यात्रियों को सुविधाजनक तरीके से बोगी में ले जाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण भगदड़ के हालात बने हुए थे और स्थिति यह थी कि कई बोगियों के दरवाजे ही नहीं खुले और कुछ देर रुकने के बाद ट्रेन प्रयागराज की ओर रवाना हो गई।
हिंडोरिया निवासी संतोष पटेल ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ प्रयागराज जाने के लिए दमोह रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दो यात्री ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची, लेकिन इन ट्रेनों के गेट ही नहीं खुले जिसके चलते वह ट्रेन में नहीं चढ़ सके उनके साथ और भी बहुत से यात्री थे जो प्रयागराज नहीं जा सके। दूसरे यात्री शिवराज सिंह ने बताया कि वह भी गांव के लोगों के साथ प्रयागराज जाने के लिए दमोह रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन उनके सामने ही दो यात्री ट्रेन कटनी की ओर रवाना हो गई, लेकिन ट्रेन के गेट न खुलने के कारण वह ट्रेन में नहीं चढ़ पाए।