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मध्यप्रदेश: चीते की मौत के मामले में एसटीएफ की जांच तेज, तीन संदिग्ध हिरासत में

Fri, 30 Oct 2026 08:08 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कूनो में गोली लगने से चीते की मौत के मामले में एसटीएफ ने जांच तेज कर दी है। तीन संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन वारदात में इस्तेमाल बंदूक अब तक बरामद नहीं हुई है।
 
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भारत में चीता देखने कहां जाएं - फोटो : Instagram
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विस्तार
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कूनो नेशनल पार्क में गोली लगने से घायल हुए 19 महीने के चीते की मौत के मामले में राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसटीएफ) ने जांच तेज कर दी है। मामले में तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हालांकि, चीते को जिस बंदूक से गोली मारी गई थी, वह अब तक बरामद नहीं हो सकी है। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ वन अधिकारी के मुताबिक, एसटीएफ की टीम घटना स्थल के आसपास के गांवों में संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच में चीते के रेडियो कॉलर से मिले सिग्नल को भी अहम आधार बनाया गया है। इनके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोली लगने से पहले चीता किस रास्ते से गुजरा था और किन इलाकों में उसकी आवाजाही थी। अधिकारी के अनुसार, चीता कम समय में तीन से चार किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। ऐसे में कई बार वह रेडियो कॉलर की करीब 500 मीटर की सिग्नल रेंज से बाहर चला जाता है। इस स्थिति में निगरानी दल को सैटेलाइट सिग्नल मिलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे उसकी गतिविधियों की निगरानी में कुछ समय का अंतर आ जाता है।
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पांच छर्रे लगे थे चीते को
19 महीने के नर चीते को 25 अक्टूबर को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अवैध बंदूक से गोली मारी थी। उसके शरीर में पांच छर्रे लगे थे। निगरानी दल ने घायल चीते को रेस्क्यू कर उपचार के लिए जबलपुर के पशु चिकित्सा विभाग पहुंचाया था, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई उच्चस्तरीय जांच टीम के तीन सदस्य बुधवार को मुरैना पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। जांच में शिकार के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी और घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान करना प्रमुख चुनौती बनी हुई है।
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