कूनो नेशनल पार्क में गोली लगने से घायल हुए 19 महीने के चीते की मौत के मामले में राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसटीएफ) ने जांच तेज कर दी है। मामले में तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हालांकि, चीते को जिस बंदूक से गोली मारी गई थी, वह अब तक बरामद नहीं हो सकी है। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ वन अधिकारी के मुताबिक, एसटीएफ की टीम घटना स्थल के आसपास के गांवों में संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच में चीते के रेडियो कॉलर से मिले सिग्नल को भी अहम आधार बनाया गया है। इनके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोली लगने से पहले चीता किस रास्ते से गुजरा था और किन इलाकों में उसकी आवाजाही थी। अधिकारी के अनुसार, चीता कम समय में तीन से चार किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। ऐसे में कई बार वह रेडियो कॉलर की करीब 500 मीटर की सिग्नल रेंज से बाहर चला जाता है। इस स्थिति में निगरानी दल को सैटेलाइट सिग्नल मिलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे उसकी गतिविधियों की निगरानी में कुछ समय का अंतर आ जाता है।